जिले के लिए 145 करोड़ के एमओयू साइन
फैजाबाद। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चल रही इंवेर्स्ट्स समिट में अब तक जिले के लिए 145 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू साइन हुए हैं। इनमें यश पेपर मिल अपने प्लांट में एक यूनिट और जोड़ने जा रही है। साथ ही छोटे-छोटे उद्योगों के लिए कई एमओयू साइन हुए हैं। उद्यमियों का मानना है कि इससे बहुत संख्या में तो नहीं लेकिन कुछ न कुछ रोजगार के नए अवसर अवश्य मिलेंगे। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने बताया कि पांच करोड़ के और एमओयू छोटे निवेशकों की ओर से जिले में साइन किए गए हैं।
वहीं यूपी इंनवेस्टर्स समिट में आए देश के जाने-माने उद्यमियों से जिले के औद्योगिक ढांचा में विस्तार की उम्मीद है। यहां के उद्यमियों का मानना है कि अयोध्या-फैजाबाद में उद्यमियों के लिए आधारभूत संसाधन उपलब्ध हैं। रामनगरी को पर्यटन हब बनाने में होटल इंडस्ट्री, मॉल-पीवीआर, फुड पार्क, रेस्तरां आदि बिजनेस की असीम संभावना है। यहीं नहीं, केंद्र सरकार जैसे ही अपनी घोषणा पर अमल करते हुए हवाई पट्टी से कार्गो सेवा शुरू करेगी, देश-विदेश माल सप्लाई का केंद्र भी यहां बनेगा। इसके अलावा सरयू किनारे पावर प्लांट लगाने की संभावनाएं इंवेर्स्ट्स को आकर्षित करेंगी। उद्यमियों का मानना है कि जल परिवहन, फल सरंक्षण, कृषि व स्टोरेज की संभावनाएं सर्वाधिक हैं।
मल्टी प्रोडक्ट डिस्पोजेबल टेबल वेयर बनाने में खर्च होंगे 140 करोड़
यूपी समिट में शामिल यश पेपर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर वेद कृष्णा का कहना है कि यश पेपर दर्शन नगर में 140 करोड़ का इनवेस्ट करने जा रही है। इसका एक हिस्सा पेपर मिल के विस्तारीकरण में लगेगा। जबकि बड़ा हिस्सा मल्टी प्रोडक्ट डिस्पोजेबल टेबल वेयर बनाने की इंडस्ट्री में खर्च किया जाएगा। यह पर्यावरण फ्रेंडली प्रोडक्ट है। जिसकी मांग कई मल्टी नेशनल कंपनियों को है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से ऑनलाइन क्लीयरेंस व जरूरी सुविधाएं देने की घोषणा से निवेश की काफी उम्मीदें हैं। कई अन्य बड़े उद्यमी भी फैजाबाद में इनवेस्ट करने को इच्छुक हैं।
बड़ी कंपनियों के आने से काफी फायदा मिलेगा
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष ओम प्रकाश का कहना है कि वे यूपी समिट में हिस्सा लेने लखनऊ में हैं। अभी तक के रुझान से साफ कहा जा सकता है कि कई उद्यमी फैजाबाद को लेकर इच्छुक हैं। उनका कहना है कि जिले में उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं है। अयोध्या में पर्यटन की दृष्टि से होटलों के बड़े ग्रुप आ सकते हैं। सरयू किनारे पावर प्लांट लग सकता है। बिरला व महिंद्रा ने फल-सब्जी आदि के संरक्षण के लिए कोल्ड स्टोरेज खोलने की बात की हैं। बड़ी कंपनियों के आने से काफी फायदा मिलेगा। यहां उद्यमियों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। अब जब सरकार ने उद्यमियों को स्थापित करने ठानी है तो जिले को फायदा अवश्य मिलेगा।
जिले से परिवहन व्यवस्था काफी अच्छी
शहर के प्रमुख उद्यमी सूर्य प्रकाश सिंह का मानना है कि सरकार उद्यमियों के लिए बेहतर काम कर रही है। जिले में औद्योगिक ढांचा को विस्तार देने के पर्याप्त संसाधन हैं, बस सरकार अपनी घोषणाओं को ईमानदारी से लागू करे। जैसे यहां के उद्यमी लालफीताशाही का सामना करते हैं, ऐसा न हो। जिले से परिवहन व्यवस्था काफी अच्छी है। यहां से लखनऊ, इलाहाबाद, काशी व पूरब की ओर उत्पाद सड़क मार्ग से आसानी से भेजे जा सकते हैं।
शहर को 24 घंटे मिल रही बिजली
उद्यमी आकाश जायसवाल का मानना है कि सरकार ने अयोध्या को पर्यटन की दृष्टि से 24 घंटे बिजली देने का वादा किया। यह बिजली शहर को मिल भी रही है। अब सरकार जब उद्यमियों के लिए बड़ा फैसला ले रही है तो इंडस्ट्रियल एरिया की विद्युत व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव करेगी। इससे उद्यमियों को सबसे महत्वपूर्ण आधार अपनी इंडस्ट्री लगाने के लिए मिल जाएगा।
सरकारी हवाई पट्टी से कार्गो सेवा का होना है आगाज
शहर के प्रमुख उद्यमी एसबी सिंह का मानना है कि सरकारी हवाई पट्टी से कार्गो सेवा का आगाज होना है। यह सेवा बड़े इंवेस्टर्स को अवश्य लुभाएगी। यहां से सीधे उद्यमियों के उत्पाद विदेश व बड़ी दूरी के लिए जा सकेंगे। इनका मानना है कि यह सरकार का सार्थक कदम है। इससे यहां नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
कृषि से संबंधित उद्योगों के लिए काफी संभावनाएं
जिले के उद्यमी राजकुमार कहते हैं कि प्रदेश सरकार उद्यमियों के लिए बड़ी घोषणाएं की है। सरकार के इस फैसले से उद्योग जगत में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। सिर्फ बड़े उद्योग ही नहीं स्थापित होंगे बल्कि व्यापक पैमाने पर बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा। इनका मानना है कि अपने जिले में कोई भी बड़ा उद्योग लगाने के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है। कृषि से संबंधित उद्योगों के लिए काफी संभावनाएं हैं।
दुग्ध उद्योग की अपार संभावनाएं
उद्यमी अमल गुप्ता का मानना है कि यहां दुग्ध उद्योग की अपार संभावनाएं हैं। बड़े उद्यमी इस ओर आकर्षित हो सकते हैं। साथ ही इनका कहना है कि बड़े मॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स समेत अन्य क्षेत्रों में भी उद्यमियों को जिले में पर्याप्त संसाधन मुहैया है। उन्होंने सरकार इन्वेर्स्ट्स समिट को उद्यमियों के लिए सार्थक कदम बताया है। उद्यमी नरेश मदान का मनाना कि अभी भी छोटे उद्यमियों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सरकार को उद्यमियों के साथ आने वाली प्रमुख समस्याओं के दृष्टिगत नियम व कानून बनाने चाहिए। उद्यमी सुरेंद्र सिंह का मानना है कि प्रदेश सरकार बड़े उद्यमियों के लिए बेहतर कार्य कर रही है। साथ ही सरकार को चाहिए कि छोटे व मझले उद्यमियों को आगे बढ़ाने का प्रयास करे। इनका मानना है जिले में उद्योगों के लिए दो औद्योगिक आस्थान स्थापित हैं, सरकार को छोटे उद्योगों के लिए एक अन्य आस्थान भी स्थापित करना चाहिए।
इंवेर्स्ट्स समिट का देखा लाइव प्रसारण
प्रदेश की राजधानी में हुई इंवेर्स्ट्स समिट को जिला मुख्यालय पर सरकारी कार्यालयों में लाइव देखा गया। कलेक्ट्रेट व तहसील परिसर में स्क्रीन पर जिले का आला अफसरों व लोगों ने समिट कार्यक्रम को देखा। इस दौरान जिलाधिकारी डॉम् अनिल कुमार, एसओसी व्रतदेव पांडेय समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। केंद्रीय विद्यालय समेत कई कॉलेज व स्कूलों में भी बच्चों को लाइव प्रसारण दिखाया गया।
एक जिला एक उद्योग मेें मूर्ति व पूजन सामग्री निर्माण उद्योग चयनित
जिले में सरकार की ओर से एक जिला एक उद्योग में मूर्ति उद्योग का चयन किया गया है। अब तक इस उद्योग में 247 इकाइयां कार्यरत हैं, जिसमें 17 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश है जबकि 1300 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। उद्यमियों का कहना है कि शासन-प्रशासन से कोई खास सहयोग नहीं मिलता, जबकि उनके प्रोडक्ट की मांग देश और विदेश में भी होती है। यदि सरकार जरूरी संसाधनों में निवेश करेगी तो इस उद्योग की सेहत सुधरेगी। इन उद्योगों में शासन स्तर से वित्त पोषण की मांग भी बराबर बनी है। कच्चे माल की आपूर्ति प्रदेश के विभिन्न जनपदों व अन्य राज्यों से भी किया जाता है। सहायक आयुक्त उद्योग रूपेश कुमार आनंद कहते हैं कि एक जनपद, एक उत्पाद योजना के तहत मूर्ति एवं पूजन सामग्री निर्माण उद्योग को चुना गया है। इससे न केवल अयोध्या की पहचान पुख्ता होगी, बल्कि लोगों को इस उद्योग में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।