अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तारीख तय होने के बीच अयोध्या में विहिप की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
पत्थरों की खेप लगातार अयोध्या पहुंच रही है। अकेले सितंबर में ही तीन खेप पत्थर अयोध्या के रामसेवकपुरम में डंप किए जा चुके हैं। सोमवार को दो ट्रक पत्थर और पहुंचे।
प्रदेश में योगी के सीएम बनने के बाद अब तक पत्थरों की छह खेप अयोध्या पहुंच चुकी है। रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला के प्रभारी अन्नू भाई सोमपुरा बताते हैं कि जब से योगी सरकार आई है, पत्थरों का आना तेजी से हो रहा है।
अब तक 10 ट्रकों में 7332 घन फीट पत्थर अयोध्या पहुुंच चुके हैं। सितंबर में ही अब तक पत्थरों की तीन खेप पहुंच चुकी है, जिसमें 2650 घन फीट पत्थर आए हैं।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में नौ मजदूर लगे हैं, जिसमें पत्थर तराशी का कार्य मात्र दो मजदूर कर रहे हैं। बाकी सहायक के रूप में हैं।
ऐसे में अगर जल्द मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों की तराशी कार्य पूरा करना है तो कम से कम 50 मजदूराें की आवश्यकता है। शुरुआती दौर में 100 कारीगर पत्थर तराशी के कार्य में लगाए गए थे।
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा कहते हैं कि अब फार्म 32 का संकट नहीं रह गया है। मंदिर निर्माण के लिए अभी कई हजार घन फीट पत्थर लाए जाने शेष हैं।
करीब 25 हजार घन फीट पत्थर मंदिर आंदोलन के दौरान ही यहां लाए गए थे। बाकी पत्थर मंगाए जा रहे है। कारीगरों की संख्या बढ़ाने का काम सितंबर के बाद किया जा सकता है।
ग्राउंड फ्लोर का काम पूरा
रामघाट स्थित मंदिर निर्माण की कार्यशाला के प्रभारी के अनुसार राममंदिर के प्रस्तावित मॉडल के अनुरूप निर्माण के लिए करीब पौने दो लाख घन फीट लाल पत्थरों की जरूरत है।
करीब एक लाख घन फीट पत्थरों की तराशी का काम पूरा हो चुका है। जिससे ग्राउंड फ्लोर का निर्माण हो जाएगा। मंदिर में 212 स्तंभ लगने हैं। इसमें पहली मंजिल के 106 स्तंभों का कार्य पूरा हो चुका है।
हर खंभे में फूल-पत्ती और 16 मूर्तियां बनाया जाना प्रस्तावित है। सिंह द्वार, रंग मंडप, कोली गर्भगृह का कार्य भी पूरा हो चुका है।