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पूर्व मंत्री आनंदसेन पर फिर संकट के बादल

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पूर्व मंत्री आनंदसेन पर फिर संकट के बादल
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फैजाबाद। इनायतनगर थाने के बहुचर्चित भवानीफेर हत्याकांड का जिन्न बोतल से फिर बाहर आने के कारण पूर्वमंत्री आनंदसेन पर फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस हत्याकांड की सुनवाई हाईकोर्ट के आदेश पर वर्षों से रुकी हुई थी।

इस मामले का विचारण अपर जिला जज तृतीय कृष्ण प्रताप सिंह की कोर्ट में हो रहा है। इस बीच इसके तीन आरोपियों की मौत हो गई। कई पेशियों से मृत्यु आख्या कोर्ट में प्रस्तुत न करने पर कोर्ट ने इनायतनगर पुलिस को फटकार लगाई।
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अब इसमें मृत्यु आख्या के लिए अगली पेशी 17 जुलाई नियत की गई है। 21 साल पहले 24 जून 1996 को इनायतनगर थाने के निमड़ी पूरे बक्शी गांव में भवानीफेर यादव की दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस कांड में ओमप्रकाश घायल हुआ था।

यह हत्या ग्राम प्रधानी के चुनाव की रंजिश में हुई थी। इसकी रिपोर्ट भवानीफेर के भतीजे ओमप्रकाश यादव ने पूर्व सांसद मित्रसेन यादव, उनके लड़के पूर्व मंत्री आनंदसेन यादव, भगवंत यादव, जग प्रसाद यादव, रामसेवक यादव, साईंचरन यादव, शोभनाथ व राम सुमेर के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमला समेत अन्य धाराओं में लिखाई गई थी।

मामले में अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष की सभी गवाहियां पूरी होकर बहस भी हो गई थी लेकिन वादी मुकदमा ने पूर्व सांसद मित्रसेन यादव पर दोषसिद्घ का आरोप तय करने के लिए तत्कालीन अपर जिला जज राम कृष्ण गौतम की कोर्ट में अर्जी दी।

उन्होंने उस अर्जी को खारिज कर दिया। इसी आदेश को वादी ने रिवीजन के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और हाईकोर्ट ने निचली अदालत की कार्रवाई को स्थगित कर दिया था। अब मित्रसेन की मौत के बाद हाईकोर्ट ने वह अर्जी निस्तारित कर दी।
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अब यहां कोर्ट ने कार्रवाई फिर से शुरू कर दी है। मामले में आरोपी रहे मित्रसेन यादव, भगवंत यादव जग प्रसाद की मौत हो गई है। इनकी मृत्यु आख्या कोर्ट ने मंगाई लेकिन बीते कई पेशियों से आख्या नहीं आई। बुधवार को इसमें पेशी थी। आख्या न प्रस्तुत करने पर कोर्ट ने पैरोकार को कड़ी फटकार लगाई।
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