पर्यटन हब के रूप में विकसित होगी अयोध्या
फैजाबाद। केंद्र सरकार की रामायण सर्किट व जिला प्रशासन की नव्य अयोध्या योजना से उत्साहित प्रदेश सरकार अयोध्या को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने जा रही है।
इसके लिए प्रदेश के पर्यटन विभाग की ओर से नामित विदेशी कंपनी प्राइस वाटर हाउस कूपर (पीडब्ल्यूसी) व देशी कंपनी एएनवी कंसलटेंसी को अयोध्या में विकास की संभावनाएं तलाशने व नवीनीकरण का प्रोजेक्ट बनाने का जिम्मा सौंपा गया है।
दोनों कंपनियों ने संयुक्त रूप से अयोध्या का सर्वे शुरू कर दिया है। प्रथम दो चरण का सर्वे पूरा हो चुका है। इसका प्रेजेेंटेशन प्रमुख सचिव पर्यटन के सामने किया जा चुका है।
अब बारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सामने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत कर उनकी राय जानने की है। खासतौर पर यातायात व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, रामायणकालीन अवशेषों को नए सिरे से विकसित करने व परिक्रमा पथ का विकास करने जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।
अयोध्या के लिए रामायण सर्किट योजना के तहत 113 करोड़ रुपये के विकास कार्य व अयोध्या फैजाबाद प्राधिकरण की नव्य अयोध्या नामक आवासीय योजना में 110 करोड़ रुपये से विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
दोनों योजनाओं से उत्साहित प्रदेश सरकार ने अयोध्या को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने पर्यटन विभाग की ओर से अयोध्या में विकास की नई संभावनाओं का सर्वे करने के लिए टेंडर जारी किए थे।
18 कंपनियों में से यूएस की प्राइस वाटर हाउस कूपर (पीडब्ल्यूसी) नामक कंपनी को सर्वे का ठेका दिया गया है। ये कंपनी बाहरी होने के कारण इसे लखनऊ की कंपनी एएनवी कंसलटेंसी के साथ मिलकर कार्य कराने को पर्यटन विभाग ने निर्देशित किया है।
दोनों कंपनियों के आला अफसर अयोध्या विजिट कर सर्वे कर रहे हैं। प्रथम दो चरण के सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है। प्राथमिक कार्यों के सर्वे के बाद प्रमुख सचिव पर्यटन के सामने प्रेजेंटेशन किया जा चुका है।
कंपनी के लोगों का मानना है कि अयोध्या में विकास की मौजूदा स्थिति काफी दुरूह है। इसके लिए जमीनी स्तर पर कार्य करना होगा। संकरी गलियों के विकास के साथ ही सफाई व तीर्थयात्रियों के लिए विशेष योजना बनानी होगी।
फिलहाल अभी तक हुए सर्वे में कुंडों का महत्व व विकास, भगवान ऋषभ देव के जन्मस्थान को विकसित करने, सिख धर्मस्थल ब्रह्म कुंड विकसित करने, ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव, परिक्रमा पथ का विकास जैसे कई प्रोजेक्ट शामिल होने की संभावना है।
हालांकि ये सब कुछ अभी फाइनल नहीं है। अभी लगभग एक माह तक सर्वे चलेगा। फिलहाल सर्वे कर रही कंपनी को अयोध्या के जनप्रतिनिधियों के साथ प्रेजेंटेशन करना है। इसमें अयोध्या के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों की राय ली जाएगी। पूरी व्यवस्था शहरी नवीनीकरण के आधार पर होगी।
अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण की नव्य अयोध्या योजना पर सर्वे कंपनियों की ओर से विकास की सहमति प्रदान की गई है।
प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि, सर्वे कंपनी की ओर से नव्य अयोध्या प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी गई है। इसके लिए सर्वे कंपनी ने प्राधिकरण के लोगों के साथ 22 व 30 मई को सर्वे किया था।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बृजपाल सिंह ने बताया कि, अयोध्या में विकास की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रदेश के पर्यटन विभाग की ओर से यूएस की प्राइस वाटर हाउस कूपर व लखनऊ की एएनवी कंसलटेंसी नामक सर्वे कंपनी को जिम्मा सौंपा गया है।
दोनों कंपनियां सर्वे करके पर्यटन विभाग को अपने संबंधित प्रोजेक्ट के बारे में बताएंगी। इसके बाद शासन के निर्देश पर विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे।