अब स्नातक करने वालों को मिलेगी ऑनर्स की डिग्री
फैजाबाद। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज ने नए सत्र में स्नातक कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को तोहफा दिया है। अब उन्हें सिर्फ स्नातक की डिग्री नहीं मिलेगी, बल्कि उसमें ऑनर्स भी जुड़ेगा। इसका लाभ चार वर्षीय बीएससी कृषि, बीएससी हार्टिकल्चर, बीएफएससी फीसरीज साइंस, बीएससी होम साइंस, बीटेक कृषि इंजीनियरिंग, बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग और बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लेने वाले कुल 436 विद्यार्थियों को मिलेगा।
नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज ने केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों की तर्ज पर एक राष्ट्र एक शिक्षा के मानक पूरा करने के बाद 252वीं एकेडमिक कौंसिल की बैठक में स्नातक ऑनर्स की डिग्री देने का प्रस्ताव पास किया है। कुलपति प्रो. अख्तर ने बताया कि यह ऑनर्स की डिग्री 2018-19 सत्र से दाखिला लेने वालों को मिलेगी। एक पढ़ाई, एक स्ट्रक्चर, अखंड भारत की कॉमन डिग्री होनी चाहिए। पंचम डीन्स कमेटी ऑफ आईसीआर का मानक एक सेलबस का है। इसे देश के 73 कृषि विश्वविद्यालय फालो करते हैं। कार्यभार संभालने के बाद इसे विश्वविद्यालय में लागू किया था। अब ऑनर्स डिग्री देने के मानक पर विश्वविद्यालय खरा उतरा है। एकेडमिक कौंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को पारित कर प्रवेश परीक्षा का बुकलेट में दर्ज कराया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के चारों कृषि विश्वविद्यालय में इस बार कैटेट प्रवेश परीक्षा का जिम्मा संभाल रहे बांदा के कृषि विश्वविद्यालय को बुकलेट में एनडी विश्वविद्यालय की कक्षाओं में स्नातक के आगे ऑनर्स की डिग्री जोड़ने को कहा गया है। इससे नैक मूल्यांकन की रेटिंग बढ़ेगी। रेटिंग अच्छी होगी, तभी विश्वविद्यालय को सरकार से धन प्राप्त होगा। कुलपति ने कहा कि ऑनर्स के साथ स्नातक होना हर युवा का सपना होता है, ऑनर्स लगने से साफ हो जाता है कि उसे स्पेशिलाइजेशन है।
विषयवार स्नातक ऑनर्स की सीटें
बीएससी कृषि 132
बीएससी कृषि आजमगढ़ कैंपस 60
बीएससी हार्टिकल्चर 42
बीएफएससी फीसरीज साइंस 26
बीएससी होम साइंस 45
बीटेक कृषि इंजीनियरिंग 40
बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग 20
बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग 20
कश्मीरी छात्रों के लिए दो सीटें आरक्षित
नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कश्मीरी छात्रों के दो सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव एकेडमिक कौंसिल ने पास कर दिया है। कुलपति ने बताया कि यूजीसी के नियमानुसार अनुमोदन हो गया है, लेकिन सीधे प्रवेश नहीं लिया जा सकता है। इसके लिए पात्रों को कैटेट के जरिए प्रवेश परीक्षा पास करनी होगी।