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ठंड में राहत देने को अलर्ट हुए रैन बसेरे

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अयोध्या में बनाया अस्थायी रैन बसेरा
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फैजाबाद/अयोध्या। रैन बसेरों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्ती का असर जिले में दिखने लगा है। लोगों को ठंड से राहत देने के लिए जिले के प्रमुख रैन बसेरे अलर्ट हो गए हैं। अयोध्या में शुक्रवार को मूलभूत सुविधाओं से युक्त अस्थाई रैन बसेरा बनाया गया है। यहां आगंतुकों को रात गुजारने के लिए निशुल्क सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
प्रदेश भर में रैन बसेरों को दुरुस्त कर सभी के सकुशल संचालन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के पेंच कसे तो इसका असर जिले में भी दिखने लगा। अभी तक शहरी इलाके के तीन रैन बसेरों में तमाम मूलभूत सुविधाओं का टोटा था। कहीं लेटने के लिए बिस्तर नहीं थे तो कहीं पर किसी का कब्जा था। जिला महिला चिकित्सालय में बना दो मंजिला रैन बसेरा लंबे समय से बंद था। सरकार की सख्ती से आनन-फानन उसे दुरुस्त करके संचालित कराया। अब यहां प्रतिदिन आठ-दस लोग रात गुजार रहे हैं। वहीं पहले से बदहाल पड़े नगर निगम के रोडवेज स्थित रैन बसेरे पर भी चाक-चौबंद व्यवस्थाएं कराकर इसे भी दुरुस्त कर दिया गया। जिला अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों के ठहरने के लिए दोनो रैन बसेरों को हाईटेक कर दिया गया है।
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धार्मिक नगरी अयोध्या में नगर निगम ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित सामुदायिक केंद्र को अस्थायी रैन बसेरा के रूप में तब्दील कर दिया है। यह सामुदायिक केंद्र लंबे समय से पीएसी के कब्जे में रहा। बीच में प्रशासन ने इस पीएसी से खाली करा दिया था। महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने निगम के अफसरों के साथ रैन बसेरों का निरीक्षण करके व्यवस्था के बारे में जानकारी ली तथा रेलवे स्टेशन रोड स्थित निष्प्रयोज्य पड़े सामुदायिक केंद्र को अस्थायी रैन बेसरा बना दिया गया है। नगर आयुक्त मार्तंड प्रताप सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन रोड स्थित विकास प्राधिकरण के सामुदायिक केंद्र को व्यवस्थित किया गया है। इसमें 25 लोगों के रहने की व्यवस्था कर दी गई, उनके लिए चारपाई व बिस्तर का भी इंतजाम किया गया है।

दो लोग सोते मिले
सीन 1- शुक्रवार की दोपहर 2:49 बजे रोडवेज पर 20 लोगों के रुकने के लिए बने नगर निगम के रैन बसेरे में दो लोग कंबल से मुंह ढके सोते मिले। जरुरतमंदों के लेटने के लिए यहां सीमेंटेड बेंच बनाई गई है। यहां अलाव भी जलता मिला। कर्मचारी हरिचरन वर्मा ने बताया कि शाम होते ही 20 लोग जाते हैं। रात गुजारने के लिए लोगों को तीन कंबल दिए जाते हैं। जिसका कोई चार्ज नहीं लिया जाता है।

गद्दा मांगकर बिछाया गया, वो भी फटा
सीन 2-दोपहर करीब 2:56 मिनट पर जिला अस्पताल के ईएनटी वार्ड के निकट रोटरी क्लब द्वारा बनवाए गए खुले रैन बसेरे को अस्पताल प्रशासन की ओर से कवर्ड कर दिया गया है। यहां पर फर्श पर गद्दा बिछाए कुछ तीमारदार बैठे रहे। तीमारदार सुनील ने बताया कि वार्ड में मौजूद कर्मचारी से गद्दा मांगकर बिछाया गया है। वो भी फटा है। सीएमएस डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि जनरल वार्ड के निकट बने दो मंजिला रैन बसेरे में भी एक गार्ड तैनात किया गया है। यहां पर कंबल आदि की व्यवस्था करा दी गई है। लेकिन ज्यादातर तीमारदार मरीजों के पास ही लेटना चाहते हैं। इसलिए ईएनटी वार्ड के निकट बने रैन बसेरे को सभी सुविधाओं से लैस किया गया है। जरूरतमंदों से किसी प्रकार का शुल्क न लेने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है।
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30 रुपये में मिलते दो गद्दे, तकिया, चादर व तीन कंबल
सीन 3- दोपहर करीब 3 बजे जिला महिला चिकित्सालय में बने रैन बसेरे में सिर्फ एक कर्मचारी विजय भटनागर सोता मिला। यहां पर पुआल आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां रात गुजारने वालों को 30 रुपये शुल्क देने पर दो गद्दा, एक तकिया, चादर, तीन कंबल दिया जाता है। लोग शुल्क जमा करके फर्श पर बिस्तर लगाकर रात बिताते हैं। विजय भटनागर ने बताया कि जो लोग अपना बिस्तर लेकर आते हैं, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। बताया कि सायंकाल प्रतिदिन 8-10 लोग यहां ठहरते हैं और सुबह होते ही अपने मरीजों के पास चले जाते हैं।
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