नोटबंदी के 27वें दिन जिले में सर्वर जाम होने से बैंक ऑफ बड़ौदा(बीओबी) की सभी 31 शाखाओं में लेन-देन पूरी तरह ठप रहा। शहर से लेकर देहात तक हाहाकार मचा रहा। हजारों लोगों को बैंकों से वापस लौटना पड़ा।
फगौली कुर्मियान शाखा पर भीड़ ने ताला बंदी कर प्रदर्शन किया तो बीकापुर में किसी तरह प्रबंधन से भीड़ को काबू में किया। लगभग सभी शाखाओं पर उमड़े लोगों में आक्रोश दिखा। अन्य बैंकों में काम-काज तो हुए मगर नगदी संकट बरकरार रहा। 50 फीसदी एटीएम भी नकदी संकट से बंद रहे, शेष जगहों पर लम्बी कतारें लगी रहीं।
वेतन और पेंशन भुगतान को लेकर दिसंबर का पहला सप्ताह नौकरीपेशा पर भारी पड़ रहा है। सोमवार को बैंक ऑफ बड़ौदा की शहर में स्थित ठह शाखाओं व कस्बों की 25 शाखाओं पर सुबह से ही सर्वर जाम हो गया। पूरे दिन एक भी पैसे का लेन-देन नहीं हो सका।
जगह-जगह लोगों की कतारें लग गई। फगोली कर्मियान शाखा पर भीड़ ने आपा खो दिया और बैंक में ताला लगवा दिया। किसी तरह प्रबंधन ने फोर्स बुला लोगों को समझाया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। बीकापुर, मिल्कीपुर, रुदौली, सदर और सोहावल तहसील की शाखाओं पर भी यही हाल रहा। एसबीआई में माह के पांचवे दिन भी 10 हजार लिमिट में भुगतान हो पाया।
पीएनबी, केनरा, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, एचडीएफसी, एक्सिस, आईसीआईसीआई आदि बैंकों की शाखाओं पर भी नगदी संकट से 4 हजार से 10 हजार लिमिट तय कर भुगतान किया। बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार नेटवर्क न होने से सोमवार को लेनदेन नहीं हो सका।
बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक श्रवण कुमार ने बताया कि नेटवर्क न होने से लेनदेन नहीं हो सका। यही हाल अन्य बैंक शाखाओं का भी रहा। नोटबंदी के 27 वें दिन भी क्षेत्र के तमाम एटीएम बंद रहे ।