कोर्ट का आदेश न मानने पर थानाध्यक्ष पर एक हजार जुर्माना
अयोध्या। हत्या के एक मामले में कोर्ट द्वारा गवाहों के लिए जारी सम्मन का न तामिला कराया गया और न उसे वापस लौटाया गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कोर्ट ने मवई थानाध्यक्ष पर एक हजार अर्थदंड लगाया है। धनराशि उनके वेतन से काटकर कोर्ट में जमा करने का आदेश एसएसपी को दिया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट व अपर जिला जज द्वितीय हरिनाथ पांडे की अदालत से हुआ है। एडीजीसी रोहित पांडेय ने बताया कि मवई थाना क्षेत्र में राम अभिलाष पांडे की 2 अप्रैल 2000 को हत्या हुई थी। मामले में रामविलास, मंगरे, दुबारी, रामसागर, रघुनाथ अभियुक्त हैं। इसमें डॉक्टर व विवेचक को गवाही देने के लिए अदालत से एक साल पहले समन जारी हुआ था। इसे न तामिल नहीं कराया गया और न ही कोर्ट में अदम तामिला वापस किया गया। इसे कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष के ऊपर एक हजार जुर्माना किया है। जुर्माने की रकम थानाध्यक्ष के वेतन से काटकर अदालत में जमा करने और गवाहों की उपस्थिति अगली पेशी पर सुनिश्चित करवाने के लिए एसएसपी को आदेश दिया है।