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‘अयोध्या धाम’ हो जिले का नाम, फैजाबाद गरिमा के प्रतिकूल

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‘अयोध्या धाम’ रखा जाए नाम, फैजाबाद गरिमा के प्रतिकूल
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अयोध्या। योगी सरकार ने धार्मिक नगरी इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया है। कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी के बाद रामनगरी में भी गरिमा के अनुकूल फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या धाम करने की मांग मुखर हो रही है। संतों का कहना है कि जिले की पहचान अयोध्या से है, इसलिए शहर का नाम बदलकर अयोध्या धाम किया जाना चाहिए।

भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या विश्व की आस्था का केंद्र है। योगी सरकार को इलाहाबाद की तर्ज पर ही फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या धाम करना चाहिए। दीपोत्सव कार्यक्रम में संत मुख्यमंत्री के समक्ष यह मांग उठाने की तैयारी भी कर रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने भी संतों की मांग का समर्थन करते हुए शहर का नाम बदलकर अयोध्या धाम किए जाने का समर्थन किया है।
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श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि समय आ गया है कि फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या धाम किया जाए। अयोध्या आज भी साकेत नगरी के नाम से प्रसिद्ध है। शहर का नाम अयोध्या धाम होने से सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गरिमा बढ़ेगी। दशरथ महल बड़ास्थान के महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंदप्रसादाचार्य ने कहा कि जिस तरह योगी सरकार ने इलाहाबाद को प्रयागराज कर दिया उसी तरह फैजाबाद को अयोध्या धाम किया जाना चाहिए।

अयोध्या विश्व के लिए आस्था का केंद्र है, अयोध्या धाम बनने से आस्था प्रगाढ़ होगी। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास कहते हैं कि शहर की पहचान अयोध्या से है, दस्तावेजों में भले ही जिले का नाम फैजाबाद हो, लेकिन शहर की ख्याति रामनगरी की वजह से ही है। इसलिए फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या धाम किया जाना सर्वोत्तम होगा। रामजन्मभ्ूामि निर्माण न्यास के अध्यक्ष महंत जन्मेजय शरण ने कहा कि फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या धाम किया जाना चाहिए।

अयोध्या धर्म का केंद्र है, शहर के नाम से भी धार्मिक आस्था जुड़ी है। दीपोत्सव में मुख्यमंत्री से संत शहर का नाम अयोध्या धाम करने की मांग उठाएंगे। विहिप ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के योगी सरकार के फैसले का सराहनीय बताते हुए अब फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या करने की मांग उठाई है।

विहिप के प्रांतीय मीडिया शरद शर्मा कहते हैं कि सरकार को अब फैजाबाद का नाम अयोध्या करके लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। कहा कि गुलामी के प्रतीकों को हटाने की जरूरत है। अयोध्या मामले के मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी का कहना है कि फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या धाम किए जाने से हमें कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन विकास भी होना चाहिए। नाम बदलने से नहीं विकास से फायदा होता है। नाम बदलना तो राजनीति का एक हिस्सा है।


फैजाबाद का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण एवं समृद्ध है। यह प्रभु श्रीराम की जन्म एवं कर्मस्थली होने के कारण आस्था का केंद्र है। यहां सरयू भी प्रवाहमान हैं। फैजाबाद की स्थापना अवध के पहले नवाब सआदत अली खां ने 1730 में की थी। उन्होंने इसे अपनी राजधानी बनाया, लेकिन वह यहां बहुत कम समय व्यतीत कर पाए।
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तीसरे नवाब शुजाउद्दौला यहां रहते थे और उन्होंने नदी के तट पर 1764 में एक दुर्ग का निर्माण करवाया था। उनका और उनकी बेगम का मकबरा इसी शहर में स्थित है। उन्होंने इस अवध की राजधानी बनाया। अवध के दूसरे नवाब सफदरजंग ने इसे अपने सैन्य मुख्यालय के रूप में बनाया। सुजाउददौला के शासनकाल के दौरान फैजाबाद ने समृद्धि प्राप्त की। नवाबों ने खूबसूरत इमारतों मोती महल, बहू बेगम आदि बनाया।
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