जिला व महिला अस्पताल की बिजली गुल, हाहाकार
फैजाबाद। जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल में सोमवार सुबह अचानक गुल हुई बिजली से हाहाकार मच गया। महिला अस्पताल में तो जैसे-तैसे जेनरेटर चलाकर आपूर्ति बहाल की गई, मगर जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त होने में घंटों लग गए। इस दौरान मरीजों व तीमारदारों की हालत पस्त रही। ऑपरेशन ठप हो गए, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड आदि सेवाएं प्रभावित हो गईं। किसी तरह एसी आदि का लोड कम करके जनरेटर से केवल पंखे चलाए गए, तब जाकर कुछ राहत हुई। 33 केवीए लाइन में सहादतगंज के निकट आए फाल्ट ठीक करने के लिए लखनऊ से टीम बुलाई गई है। मगर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई।
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में 24 घंटे आपूर्ति करने वाले 33 केवीए लाइन में सहादतगंज के निकट सोमवार सुबह अचानक फाल्ट आने से दोनों अस्पतालों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे दोनों अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। जिला महिला अस्पताल में तो लोड कुछ कम होने से एक जेनरेटर से पंखे चल गए और बमुश्किल 10-15 मिनट के अंतराल पर सेवाएं बहाल हो गईं। लेकिन जिला अस्पताल में हालात बेकाबू रहे। बिजली गुल होने पर जैसे ही जेनरेटर चलाया गया, आरडीसी व अन्य का समस्त लोड होने पर जेनरेटर हीट होकर जवाब दे गया। इससे सभी वार्डों में भर्ती मरीज व उनके तीमारदार 41 डिग्री के तापमान में भीषण गर्मी के मारे बेहाल रहे। चलने-फिरने में सक्षम मरीज वार्ड से बाहर निकलकर गलियारे में बैठ गए, लेकिन गंभीर रूप से भर्ती मरीजों की जान सांसत में रही। तीमारदार मरीजों के पास बैठकर हाथ से पंखा झलते रहे, जो नाकाफी रहा। वहीं ओपीडी कक्ष में किसी तरह चिकित्सक तो पहुंचे लेकिन जांचें ठप रहीं। करीब एक घंटे बाद जेनरेटर ठीक होने व आरडीसी में एक छोटा जेनरेटर लगाने पर सेवाएं बहाल हुईं तो जांचे शुरू हुईं और मरीजों ने राहत की सांस ली। लेकिन ऑपरेशन सेवाएं नहीं शुरू हुईं।
गर्मी से परेशान मरीज और तीमारदार भी वार्ड से आए बाहर
अचानक बिजली गुल होने से सभी वार्डों में भर्ती मरीज 41 डिग्री के तापमान में भीषण गर्मी से बेहाल रहे। अस्पताल के गलियारों में बैठे तमाम मरीज व तीमारदार उफ-उफ करते नजर आए। पैर टूटने पर भर्ती हुए शुकुलपुर रुदौली निवासी दिव्यांश की मां ने बताया कि अचानक बिजली चली गई। गर्मी से बुरा हाल है। अंदर दम घुट रहा था तो निकलकर बाहर चले आए। हाथ टूटने पर भर्ती हुए बस्ती के बब्बू ने बताया कि सुना था कि अस्पताल में चौबीस घंटे बिजली रहती है। इसलिए हाथ का पंखा लेकर नहीं आए। यहां एक घंटे से भीषण गर्मी में जीना दुश्वार हो गया है। हाथ टूटने पर भर्ती हुए अंबेडकरनगर के रामशंकर व अंगूरीबाग कॉलोनी के अरविंद ने बताया कि इस गर्मी में दो-चार मिनट बिना पंखे के काटना मुश्किल है। जबकि यहां घंटों से बिजली नहीं है। हमारे साथ ही सर्जरी के अन्य मामलों में भर्ती मरीजों की हालत गंभीर है। मरीज शीला ने बताया कि गर्मी की वजह से सांस फूलने लगी, इसलिए बाहर बैठकर बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।
नहीं हो सके बड़े ऑपरेशन
बिजली दुरुस्त होने पर भी कुछ सेवाएं ही बहाल हुईं। छोटे-छोटे तो तीन-चार ऑपरेशन किए गए, लेकिन पहले से नंबर लगाए बैठे करीब छह मरीजों के बड़े ऑपरेशन नहीं हो सके। अब उन्हें दूसरी तिथि दी गई है। पत्नी के ऑपरेशन के लाइन लगाए बैठे तीमारदार अर्जुन ने बताया कि 15 दिन से ऑपरेशन के लिए दौड़ रहे हैं, आज नंबर भी आया तो पता चल रहा कि बिजली नहीं है। अभी कोई दूसरी तिथि भी नहीं दी गई है।
33 केवीए लाइन अचानक ब्रेक हो गई। जिससे पूरे अस्पताल की बिजली गुल हो गई। अस्पताल में मौजूद जेनरेटर तुरंत चालू कराया गया, लेकिन आरडीसी का भी अतिरिक्त लोड होने से जेनरेटर हीट होकर बंद हो गया। एक अन्य जेनरेटर की व्यवस्था कराकर आरडीसी में चलाया गया। लोड कम होने पर फिर जेनरेटर संचालित हुआ और करीब एक घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने पर सेवाएं शुरू हुईं।-डॉ. हरिओम श्रीवास्तव, सीएमएस जिला अस्पताल फैजाबाद
तुरंत हुई व्यवस्था
बिजली गुल होते ही अस्पताल में मौजूद जेनरेटर तुरंत चालू किया गया। कुछ एसी का कनेक्शन काटकर सभी सेवाएं बहाल की गईं। इन प्रक्रियाओं में करीब 15 मिनट का समय ही लगा। -डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमएस जिला महिला अस्पताल फैजाबाद
लखनऊ से बुलाई गई टीम, फाल्ट ढूंढने की चल रही कोशिश
33 केवीए लाइन में सहादतगंज के निकट फाल्ट आया है। जिसे ठीक करने के लिए लखनऊ से टीम बुलाई गई है। काम चल रहा है देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। -मनोज कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम फैजाबाद