मंडलीय अस्पताल में खुलेगा डीआर टीबी सेंटर
फैजाबाद। दर्शननगर स्थित 100 बेड के मंडलीय चिकित्सालय में शीघ्र ही टीबी के एमडीआर (मल्टी ड्रग रजिस्टेंस) रोगियों के बेहतर इलाज के लिए चार बेड का डीआर (ड्रग रजिस्टेंस) टीबी सेंटर खोला जाएगा। इसके खुलने से अब ऐसे मरीजों को लखनऊ मेडिकल कॉलेज के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस सुविधा के संचालित होने से मरीजों को खासी सुविधाएं मिलेंगी।
ऐसे क्षय रोगी जिनको क्षय रोग की सामान्य दवाइयां फायदा नहीं करती हैं, वे एमडीआर की श्रेणी में आते हैं। संक्रमण के कारण ऐसे मरीज सामान्य मरीजों के साथ नहीं रखे जा सकते हैं। इसलिए जिले में जांचोपरांत इसकी पुष्टि होने पर ऐसे मरीजों को लखनऊ मेडिकल कॉलेज में स्थित डीआर टीबी सेंटर भेज दिया जाता है। जहां पर उनमें क्षय रोग के साथ ही अन्य बीमारियों की जांच होती है। उसके ठीक होने के बाद ही क्षय रोग का इलाज किया जाता है। ऐसे मरीजों का इलाज दो साल तक चलता है। जिले में करीब ढाई हजार क्षय रोगी हैं। इनमें वर्ष 2013 से लेकर 2017 तक एमडीआर (मल्टी ड्रग रजिस्टेंस) के 334 मामले पाए गए हैं।
जिले में डीआर (ड्रग रजिस्टेंस) टीबी सेंटर न होने से मरीजों को मेडिकल कॉलेज तक का चक्कर लगाना पड़ता था। इन्हीं तमाम समस्याओं से निजात के लिए अब शासन की ओर से जिला स्तर पर भी भी डीआर टीबी सेंटर खोलने को हरी झंडी मिल गई है। जिसके लिए जिला अस्पताल में तमाम संसाधन युक्त वार्ड खाली न होने पर मंडलीय अस्पताल को चिह्नित किया गया है। जहां द्वितीय तल पर चार बेड के वार्ड का आधुनिकीकरण कर यह सेवा दी जाएगी। शासन की ओर से प्रत्येक दशा में 24 मार्च तक यह सेवा संचालित कराना है। जिसको लेकर विभागीय तैयारियां तेज हैं। उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. शील त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र के संचालन में हृदय रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन, न्यूरो चिकित्सक, किडनी विशेषज्ञ समेत पांच चिकित्सकों का पैनल बनाया जाएगा। जिसके लिए मंडलीय अस्पताल में स्थान प्राप्त हुआ है। मौजूद संसाधनों के साथ शीघ्र ही इसका शुभारंभ होगा।
जिले में जांच के दौरान पाए जाने वाले एमडीआर रोगियों का बेहतर इलाज के लिए मंडलीय चिकित्सालय में 24 मार्च को डीआर टीबी सेंटर का उद्घाटन किया जाएगा। इसके संचालित होने से मरीजों को बेहतर इलाज के साथ काफी सुगमता भी मिलेगी।-डॉ. अजय मोहन, जिला क्षय रोग अधिकारी फैजाबाद