बोलकर नकल की सारी गुंजाइश खत्म
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति ने प्रो. मनोज दीक्षित ने बृहस्पतिवार को एलान किया कि मुख्य परीक्षा में नकल करने की सारी गुंजाइश खत्म कर दी गई है। कहा कि 22 मार्च से स्नातक और 04 मई से शुरू होने वाली स्नातकोत्तर की परीक्षा ऑडियोयुक्त सीसीटीवी कैमरे से निगरानी होगी। कुल 11 जिलों के 623 कॉलेजों के कुल 6 लाख 11 हजार 680 परीक्षार्थी इसमें शामिल होंगे।
अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने बृहस्पतिवार को परीक्षा की तैयारियों को लेकर बताया कि इस वर्ष की मुख्य परीक्षा में फैजाबाद, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, अमेठी, श्रावस्ती व बलरामपुर जनपदों को शामिल किया गया है। श्रावस्ती व बलरामपुर के भूतपूर्व छात्र व प्रतापगढ़ के तृतीय वर्ष के छात्रों को परीक्षा में सम्मिलित किया गया है। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष की स्नातक की परीक्षा में 5,26,313 व परास्नातक की परीक्षा में 85,367 छात्र-छात्राएं सम्मिलित होंगे। इस वर्ष स्नातक के प्रथम वर्ष की पूरी परीक्षा एमएसक्यू व ओएमआर सीट पर होगी। कहा कि यूपी बोर्ड में कई जगह ऐसी शिकायतें थी कि बोलकर नकल हो रही है। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सिर्फ सीसीटीवी ही नहीं बल्कि ऑडियोयुक्त सीसीटीवी का प्रयोग अपनी परीक्षा में करेगा। उन्होंने बताया है कि उत्तर पुस्तिका की अदला-बदली पर अंकुश लगाने के लिए बार कोडेड उत्तर पुस्तिकाएं प्रयुक्त की जाएंगी। इसके कवर पृष्ठ पर ओएमआर नंबर अंकित होंगे। उन्होंने स्नातक की परीक्षाएं 22 मार्च व परास्नातक की परीक्षाएं 4 मई से होंगी। इसके लिए 11 जिलों में 395 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष की परीक्षा में 6,11,680 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। इसमें 2,89,312 छात्र व 3,22,368 छात्राएं हैं।
नकल रोकने को जिला प्रशासन से टास्क फोर्स मांगी
कुलपति ने बताया है कि नकल पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन से टास्क फोर्स गठित कर उन्हें भी परीक्षाओं के निरीक्षण के लिए पत्र व्यवहार किया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी जाए। इसके अलावा परीक्षा की शुचिता के संबंध में 10 सचल दलों का भी गठन किया गया है। सभी जनपदों के जिलाधिकारी पत्र लिखकर परीक्षा के दौरान धारा 144 लगाए जाने के बात कही है। उन्होंने बताया है कि सचल दल इस कारण लगाए जा रहे हैं कि पहली बार सीसीटीवी में परीक्षाएं संपन्न हो रही हैं। इसलिए किसी प्रकार की दिक्कतों होने पर सचल दलों की निगरानी शुचिता को बनाए रखने में मदद करेगी।
केंद्रीय कार्यालय में होगा लाइव टेलीकास्ट
कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने बताया है कि विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा ऑडियोयुक्त सीसीटीवी व इंटरनेट के माध्यम से जुड़े होने के कारण विश्वविद्यालय के ईडीपी विभाग में लाइव देखी जा सकेगी। विश्वविद्यालय के आला अफसर यहां से पूरी परीक्षा पर निगरानी कर सकेंगे। साथ ही परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण होगा। उन्होंने बताया है कि परीक्षा दिवसों के प्रत्येक दिन की रिपोर्ट व्हाट्सअप के माध्यम से उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा व स्टेट मॉनीटरिंग सेल को सीधे उपलब्ध कराई जाएगी।
अर्थदंड के साथ सामूहिक नकल वाले भी बने परीक्षा केंद्र
विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में महिला परीक्षार्थियों के लिए स्वकेंद्र की व्यवस्था की गई है, लेकिन जो महाविद्यालय पिछली वर्ष की परीक्षा में सामूहिक नकल में चिह्नित थे उनको अर्थदंड के साथ परीक्षा केंद्र बनाया गया है। ऐसे महिला महाविद्यालयों को स्वकेंद्र की सुविधा नहीं प्रदान की गई है।
प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाओं के लिए बनाए गए 19 नोडल केंद्र
विश्वविद्याल ने मुख्य परीक्षा के अंतर्गत प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण के लिए 19 नोडल केंद्र बनाए हैं। इस बार विश्वविद्यालय की परीक्षा में परीक्षा के दिन ही प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचेगी। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं के जमा करने की प्रक्रिया भी उसी दिन संपन्न होगी। नोडल केंद्रों को भी निर्देश हैं कि उत्तर पुस्तिकाएं जल्द से जल्द विश्वविद्यालय को भेजी दी जाएं।
15 जून तक घोषित होंगे परीक्षा परिणाम
कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने बताया है कि विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा 23 मई को समाप्त होने के साथ ही मूल्यांकन कार्य शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की पूरी कोशिश रहेगी कि प्रत्येक दशा में 15 जून तक परीक्षा परिणाम घोषित हो जाएं ,ताकि विश्वविद्यालय का सेशन भी न लेट हो और नहीं बाहर जाने वालों छात्र-छात्राओं को रिजल्ट संबंधी किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया है कि अब तक 70 प्रतिशत से अधिक प्रयोगात्मक परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं, मार्च माह में ही पूरी परीक्षाएं संपन्न करा ली जानी है।