डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा श्रीराम चिकित्सालय
चिकित्सकों के 30 पद स्वीकृत, 17 की ही तैनाती
रामनगरी में प्रतिदिन आते एक हजार से ज्यादा मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के एकमात्र श्रीराम राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इस चिकित्सालय में प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक मरीज अयोध्या व आसपास के क्षेत्रों से इलाज के लिए आते हैं, ऐसे में चिकित्सकों की कमी से मरीजों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं।
श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या में डॉक्टों के कुल 30 पद स्वीकृत हैं, जिसके सापेक्ष महज 17 चिकित्सकों की तैनाती है जबकि 13 चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। अस्पताल में एक पद अधीक्षक का है, जो वर्षों से खाली पड़ा है। इस चिकित्सालय में फिजीशियन के चार पद स्वीकृत हैं, जबकि मात्र एक फिजीशियन डॉ. एसके पाठक ही कार्यरत हैं। इसी प्रकार कॉर्डियोलाजिस्ट के दो पद स्वीकृत है लेकिन सिर्फ एक डॉ. जेपी सिंह ही कार्यरत हैं। इसी प्रकार एनेस्थेटिस्ट का दो पद स्वीकृत है, इस पद पर अकेली डॉ. श्वेता सुमन कार्यरत हैं। ईएनटी सर्जन की तो अस्पताल में तैनाती ही नहीं है। वहीं, आई सर्जन के दो पद स्वीकृत हैं, जिसमें एक ही पर तैनाती है। सर्जन के भी तीन पदों में दो रिक्त पड़े हैं। इसी तरह बाल रोग विशेषज्ञ के तीन पदों में से दो पद खाली पड़े हैं। अस्पताल में वर्तमान में कोई डेंटल सर्जन भी नहीं है इस पद पर डॉ. प्रतिमा धीर कार्यरत हैं, परंतु इन दिनों वे मातृत्व अवकाश पर है। यही नहीं सब से संवेदनशील आपातकालीन वार्ड इमरजेंसी वार्ड में भी चिकित्सकों की कमी से मरीज परेशान हैं। आकिस्मक वार्ड मात्र एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है, जबकि यहां तीन पद सृजित हैं।
कोट..
- चिकित्सकों की कमी बड़ी समस्या है, इस बावत शासन को पत्र लिखा गया है। मरीजों के इलाज की व्यवस्था में कोई कमी नहीं है। दवाएं आदि पर्याप्त हैं। उम्मीद है कि शीघ्र ही चिकित्सकों की कमी भी दूर हो जाएगी।
- डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस, श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या