अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट ने श्रीरामजन्मभूमि बनाम बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई करते हुए कोर्ट की ओर से गठित मध्यस्थता समिति की अंतरिम रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है।
समिति की ओर से अतिरिक्त समय की मांग को मंजूर कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने समिति को 15 अगस्त तक का समय दे दिया है। अब फिर तारीख मिलने से संतों में कुछ नाराजगी है।
संत इस मुद्दे को लेकर 3 जून को अयोध्या में एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। जिसमें संत-महंत सहित विश्व हिंदू परिषद एवं आरएसएस के पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
सुप्रीम कोर्ट से तारीख मिल जाने के बाद तीन जून को अयोध्या के मणिराम दास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।
राम मंदिर निर्माण को लेकर संतों की ये बैठक अहम मानी जा रही है। राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य व मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने बताया कि बार-बार तारीख मिलने से करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं।
कहा कि कांग्रेस के इशारे पर मामले को लटकाने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि 7 जून से राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का जन्म उत्सव भी मनाया जाएगा।
इससे पूर्व 3 जून को मणिराम दास की छावनी में बड़ी संख्या में संत धर्माचार्य एकत्र हो रहे हैं। संतों की इस बैठक में राम मंदिर मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी।
विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि अयोध्या मामले के समाधान में देरी से संत-धर्माचार्यों सहित हिंदू समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं, इसको लेकर तीन जून को मणिराम दास की छावनी में रामनगरी के संतों की एक बैठक में राम मंदिर से जुड़े मसले पर चर्चा की जाएगी।