हनुमान जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब
अयोध्या। रामनगरी में मंगलवार को हनुमानगढ़ी में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला मध्यरात्रि हनुमान जन्म तक जारी रहा। वहीं संपूर्ण रामनगरी श्रद्धालुओं से पटी रही।
हनुमानगढ़ी मंदिर में प्रवेश मार्ग से लेकर गर्भगृह तक लगी भक्तों की कतार आस्था के चरमोत्कर्ष का गवाह बन रही थी। भक्तों के चेहरे पर अपने आराध्य के दर्शन के लिए व्याकुलता स्पष्ट प्रतीत हो रही थी।
संपूर्ण हनुमान गढ़ी परिसर हनुमान जी के जयकारों से गूंजता रहा तो वहीं प्रसाद चढ़ाने के लिए भक्तों की बेसब्री प्रशासन के लिए समस्या का सबब भी बनती जा रही थी। उधर, भारी भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन के पसीने छूटते दिखे।
बजरंग बली की प्रधानतम पीठ हनुमानगढ़ी में मध्यरात्रि जैसे ही घड़ी की सुई रात 12 पर पहुंची, हनुमानगढ़ी परिसर हनुमानजी के जयकारों से गूंज उठा। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के पर्व पर हनुमंतलला का जन्मोत्सव अयोध्या के विभिन्न मठ-मंदिरों में हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया।
बासुदेवघाट स्थित हनुमानबाग में सायं गोधुरिया बेला में हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिर के महंत जगदीश दास ने बताया कि अयोध्या में सिर्फ हनुमानबाग में गोधूरिया बेला में बजरंगबली का प्राकटोत्सव मनाया जाता है।
इस दौरान रसिक हनुमानजी का विशेष श्रृंगार कर उनका पूजन-अर्चन किया गया। वहीं, बड़ा स्थान रामकोट, श्रीरामबल्लभाकुंज, हनुमत निवास, रंग महल, हनुमत सदन, हनुमान टेकरी, रंगवाटिका, कोशलेस सदन, मणिरामछावनी, जानकीमहल, विश्वविराट राघव मंदिर, दर्शन भवन सहित अन्य मंदिरों में हनुमत जयंती पर सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ आदि विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।