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सरकार खुलवाएगी दलहन और तिलहन के क्रय केंद्र-प्रमुख सचिव

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सरकार खुलवाएगी दलहन और तिलहन के क्रय केंद्र : प्रसाद
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फैजाबाद। प्रमुख सचिव कृषि एवं कृषि शिक्षा अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं और विपणन के प्रति संवेदनशील है। एक नवंबर से धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीद प्रारंभ होगी। सरकार दलहन और तिलहन के क्रय केंद्र खुलवाएगी। वह आयुक्त कार्यालय परिसर स्थित गांधी सभागार में फैजाबाद व देवीपाटन मंडल की रबी अभियान 2018-19 के तहत अधिक फसलोत्पादन गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

कहा कि सरकार जैविक उत्पाद को बाजार उपलब्ध कराने पर तेजी से कार्य कर रही है। यदि किसान अपना समान सीधे बेच रहा है तो उस पर कोई मंडी शुल्क नहीं लगेगा। इस अवसर पर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसके पूर्व प्रमुख सचिव ने फीता काटकर शुभारंभ किया। कहा कि किसान भाई मृदा परीक्षण के बाद जरूरत भर ही खाद का प्रयोग करें। 15 से 20 नवंबर तक गेहूं की बोवाई वैज्ञानिक विधियों से करें। इससे उपज बढ़ेगी। मांग के अनुसार उपज बढ़ाएं तो अच्छा लाभ मिलेगा।
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अंबेडकरनगर की महिला कृषक लीलावती सिंह के सुझाव पर विचार करने की बात कही। इसमें उन्होंने महिला कृषक के साथ दुर्घटना होने पर पुरुष किसान की तरह लाभ प्रदान किए जाने की बात कही। कहा कि आवश्यक है कि किसान संगठित हों। जिससे व्यापारियों को टमाटर, मटर या अन्य उत्पाद एक जगह थोक में प्राप्त हो सके।

फैजाबाद के पांचों तहसीलों में एक अक्तूबर को आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 15 प्रतिभागियों को क्रमश: 10 हजार, 7.5 हजार व 5 हजार रुपये प्रदान कर सम्मानित किया। कहा कि 26, 27 व 28 तारीख को आयोजित होने वाले कृषि कुंभ में राज्य स्तर पर प्रथम 10 सबसे अच्छी पेंटिंग बनाने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। कहा कि इस वर्ष प्रदेश में 10 हजार सोलर पंप का लक्ष्य है। जिसके लिए किसानों की चयन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होगी।

कमिश्नर मनोज मिश्र ने किसानों से फसल चक्र अपनाने के लिए कहा। जैविक खेती की सलाह दी। उन्होंने किसानों से पराली को न जलाने के लिए कहा। बताया कि फसल अवशेष को जलाना कार्बनिक पदार्थों का नाश है और यह कानूनन जुर्म भी है। कृषि निदेशक ने कहा कि वर्तमान में किसानों के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। हर चीज बाजार से लेनी पड़ रही हैं। जिससे पैसा बाहर जाता है और लाभ कम होता है। जिसका परिणाम है कि किसान और मजदूर की आमदनी बराबर हो गई है।

आमदनी बढ़ाने के लिये उत्पादन बढ़ाना होगा, लागत कम करनी होगी, उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त करना होगा। इसके लिए उत्पादन की बिक्री अपने हाथ में लेना होगा। कहा कि मिट्टी का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने के लिए 15 से 20 सेमी तक की गहरी जोताई करें। गोबर के खाद का प्रयोग करें, फसलों के अवशेष को सड़ा कर मिट्टी में नीचे ले जाएं।
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अवशेष को जल्दी सड़ाने के लिए 25 से 50 किग्रा प्रति हेक्टेयर यूरिया या डी कम्पोजर का प्रयोग करें तभी अच्छी फसल होगी। रबी उत्पादकता गोष्ठी में जिलों के जिलाधिकारी, कृषि एवं संबद्ध विभाग के संबंधित अधिकारी और मंडल स्तरीय अधिकारी, कृषि वैज्ञानिकों के साथ-साथ जनपदों के प्रगतिशील किसान उपस्थित थे। गोष्ठी में खेती-किसानी के अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई। गोष्ठी में उपस्थित दोनों मंडलों को प्रगतिशील किसानों के द्वारा बताई गई समस्याओं के निराकरण की जानकारी दी गई।
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