फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिस्थितियां अनुकूल, शीघ्र प्रशस्त हो राममंदिर निर्माण का मार्ग: ज.गु.दिव्यानंद

विज्ञापन
विज्ञापन
शीघ्र प्रशस्त हो राममंदिर निर्माण का मार्ग: ज.गु.दिव्यानंद
विज्ञापन

अयोध्या। मनीषियों, संतों का जीवन हम सबके लिए प्रेरणाश्रोत होता है। महंत नृत्यगोपाल दास एक आदर्श संत हैं। रामजन्मभूमि का जो आंदोलन चला उसमें भी इनकी भूमिका अहम रही। यह बहुत ही चिंता का विषय है कि हम अपने आदर्शों को संरक्षित, सुरक्षित नहीं कर पा रहे हैं। अयोध्या में अतिशीघ्र राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो। सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है। यह जमीन का झगड़ा है तो इसके लिए कोर्ट की क्या आवश्यकता है। डीएम का एक आदेश ही इस झगड़े का निपटारा कर सकता है, जरूरत बस दृढ़ इच्छाशक्ति की है।
उक्त बातें ज.गु. शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद गिरि जी महाराज ने कहीं। वे मणिरामछावनी के योग एवं प्राकृतिक चिकित्सालय में रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष श्रीमहंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज के 80वें जन्मोत्सव पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के उद्घाटन अवसर पर अपने विचार प्रकट कर रहे थे। ज.गु.पुरूषोत्तमाचार्य नेे कहा कि महंत नृत्यगोपाल दास संतत्व एवं साधुता की प्रतिमूर्ति हैं। अयोध्या का गौरव बढ़ाने में वे आजीवन संलग्न रहे । सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि अयोध्या में भव्य राममंदिर बने उससे पहले राममंदिर के अनुकूल अयोध्या बनानी होगी। यहां जो आए उसका मन राममय हो जाए इसी परिकल्पना को साकार करने में केंद्र एवं प्रदेश सरकार लगी हुई है।
विज्ञापन

विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने कहा कि अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण महाराज श्री का संकल्प है। यह संकल्प पूर्ण हो हम सबकी मंशा है। इससे पूर्व संतों द्वारा रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष श्रीमहंत नृत्यगोपाल दास का अभिनंदन किया गया। व्यास पीठ पर विराजमान कथाव्यास श्रीकृष्णचंद्र शास्त्री का भी पूजन आचार्य श्रुतिधर के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य किया गया। संचालन डॉ. रामानंद दास ने किया। इस अवसर पर दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, संत समिति अयोध्या के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास रामायणी, अधिकारी श्रीरामबल्लभाकुंज राजकुमार दास, श्रीमहंत संतगोपाल दास, महंत पवन दास शास्त्री, महंत दिलीप दास त्यागी, महंत शशिकांत दास, संत एमबीदास, विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा सहित बड़ी संख्या में विभिन्न प्रांतों से आए भक्त मौजूद रहे।

समरसता की प्रेरणा देती है भारत की दिव्य परंपरा : स्वामी ज्ञानानंद
अयोध्या। महंत नृत्यगोपाल दास जी के जन्मोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि भारत विश्व के लिए प्रेरणास्थली रहा है, बना रहे इसकी आवश्यकता है। मानवीय मूल्यों, संवेदनाओं का यथा उचित स्थान भारत में ही है। विश्वबंधुत्व का उद्भव यहीं से हुआ। शांति के स्वर भारत से ही उद्घोषित हुए। आज भौतिकवाद बढ़ रहा है, समस्याएं भी तेजी से पनप रही हैं, उसका समाधान भारत में ही है। आज संपूर्ण मानवता को प्रभु राम के दिव्य चरित्र का अनुसरण करने की आवश्यकता है। महंत नृत्यगोपाल दास हिंदुत्व के अग्रणी पुरोधा हैं। राममंदिर के लिए उनका जो संकल्प है वह अतिशीघ्र बिना विलंब के पूर्ण हो, यही हम सबकी कामना है।
विज्ञापन


धर्म की स्थापना से ही भारत विश्व गुरु बनेगा: स्वामी परमानंद
अयोध्या। महंत नृत्यगोपाल दास जी के जन्मोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय आचार्य सभा के अध्यक्ष युगपुरूष स्वामी परमानंद जी महाराज ने कहा कि धरती की सबसे पुरानी संस्कृति हिंदु संस्कृति है। कई संस्कृतियां आई और चली गईं, लेकिन हमारा धर्म अनादिकाल से जीवित है। कहा कि विकास तभी होगा जब देश के प्रत्येक नागरिक का चरित्र धर्ममय होगा। राममंदिर ही नहीं, प्रत्येक नागरिक का जीवन धर्ममय भी बनाना है। धर्म की स्थापना से ही भारत विश्व गुरु बनेगा। प्रत्येक भारतीय के हृदय में राम का प्रकटीकरण होगा, धर्मानुरागी व मर्यादा का पालन करने वाला हो ऐसे रामराज्य की स्थापना करनी होगी। इसकी नींव नृत्यगोपाल दास जी महाराज जैसे संतों की प्रेरणा एवं आदर्शानुकरण से ही संभव है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें