ट्रेन हादसे की सूचना पर मची अफरा-तफरी
फैजाबाद। फैजाबाद के पटरंगा व बाराबंकी के दरियाबाद रेलवे स्टेशन के बीच शनिवार देर रात रेल ट्रैक पर गिरे पेड़ की चपेट में आकर कोटा-पटना एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन इंजन के दो पहिए पटरी से उतर गए। इससे यात्रियों से खचाखच भरी ट्रेन में हादसे के बाद हाहाकार मच गया। हादसे सूचना मिलते ही फैजाबाद रेल अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई। रेल अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल दुर्घटना राहत वाहन व मेडिकल टीम को घटनास्थल पर भेजा गया। हादसे के चलते छपरा-कानपुर व मरुधर एक्सप्रेस ट्रेन का रूट डायवर्ट कर दिया गया। रेल विभाग के टीम द्वारा आठ घंटे की बाद दूसरा इंजन मंगवाकर ट्रेन को रवाना किया जा सका। हादसे से रेल की पटरी के परखच्चे भी उड़ गए थे। पेड़ गिरा या साजिश के तहत किया गया इसकी भी जांच विभाग कर रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साजिश नहीं पेड़ गिरने के कारण ही हादसा हुआ है।
पटना से कोटा राजस्थान जा रही पटना-कोटा एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 13237 शनिवार देर रात थाना दरियाबाद क्षेत्र के गांव पतुलकी के निकट पहुंची थी तभी रेलवे लाइन पर एक सूखी लकड़ी का बोटा दिखाई दिया। जिसको देखकर ड्राइवर छोटेलाल ने ट्रेन में इमरजेंसी ब्रेक लगाया। इमरजेंसी ब्रेक लगने के बाद ट्रेन के इंजन की दो पहिया पटरी से उतर गए तथा बोटा बोगी में फंसकर पांच, सात मीटर तक घसीटते चला गया इससे इंजन का डीजल का टैंक फट गया। रात के समय जब हादसा हुआ ज्यादातर यात्री नींद में थे। बताते है कि तेज झटके के कारण कई यात्री अपनी सीटों से आकर नीचे गिर गए व चीख पुकार मच गई। यात्रियों को मामूली चोटें आई किंतु कोई हताहत नहीं हुआ। ट्रेन के डिरेल होने की खबर स्टेशन मास्टर दरियाबाद और पटरंगा को दी गई। एसपी वीपी श्रीवास्तव ने एएसपी शशिकांत तिवारी व आस पास के थानों की पुलिस को मौके पर भेजा। पुलिस, प्रशासन ने मौके पर एंबुलेंस आदि बुला लिया। काफी देर बाद अफसरों को राहत तब मिली जब पता चला कि सभी यात्री सुरक्षित है। हादसे की सूचना फैजाबाद आने पर वहां हड़कंप मच गया और आनन फानन दुर्घटना राहत वाहन से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को बुलाया गया। रात की शिफ्ट में ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर एमएन मिश्र ने बताया कि लखनऊ के रेल अधिकारियों के निर्देश पर दुर्घटना राहत वाहन व मेडिकल टीम को करीब 11:45 पर दुर्घटनास्थल पर रवाना किया गया। बताया कि छपरा-कानपुर व मरुधर एक्सप्रेस का रूट डायवर्ट कर उसे बाया सुल्तानपुर लखनऊ रवाना किया गया। ट्रेन की पटरी टूटने और इंजन खराब होने की जानकारी पर पहुंचे डीआरएम सतीश कुमार ने देखते ही कहा बड़ा हादसा टल गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ड्राइवर की सतर्कता से ही हादसा टल सका है।
दूसरा इंजन लगाकर आठ घंटे बाद रवाना हुई ट्रेन
कोटा-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसा होने के करीब आठ घंटे तक रेल पटरी व इंजन की मरम्मत का कार्य चलता रहा। रविवार सुबह फैजाबाद से दूसरा इंजन मंगाकर ट्रेन को रवाना किया जा सका। इस दौरान पूरे रेल ट्रैक पर यातायात बाधित होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामाना करना पड़ा।
दो जगह टूटी पटरी, सैकड़ों चाभी हुई क्षतिग्रस्त
हादसा इतना भयानक था कि रेलवे लाइन की करीब सैकड़ों चाभी टूट गयी तथा पटरी भी दो जगहों पर टूट गयी और रेल इंजन भी काफी क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रेन को रवाना करने के लिये करीब आठ घंटे तक मरम्मत कार्य हुआ। पटरी तो सही हो गयी किंतु इंजन को दुरुस्त नहीं किया जा सका। जिसके बाद दूसरा इंजन बुलाकर ट्रेन को रवाना किया गया।
कई ट्रेनें रही प्रभावित
हादसे से टूटी पटरी के चलते लखनऊ फैजाबाद रेल खंड पर करीब आधा दर्जन ट्रेनों का आवागमन बाधित हुआ। लखनऊ की और जाने वाली जम्मूतवी एक्सप्रेस को बनारस से रूट डायवर्जन कर दिया गया। फैजाबाद की और जाने वाली किसान एक्सप्रेस, छपरा एक्सप्रेस ट्रेन को दरियाबाद स्टेशन पर रोक गया। पटरी मरम्मत होने के बाद इन दोनों ट्रेनों को रवाना किया गया। यह ट्रेन करीब तीन घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही। वहीं फरक्खा एक्सप्रेस व जनता एक्सप्रेस ट्रेन भी करीब चार चार घंटे तक लेट रही जिससे यात्री काफी परेशान रहे।
फिलहाल ट्रैक पर पेड़ गिरने की सूचना सामने आ रही है। रेल ट्रैक पर पेड़ पहले से पड़ा था या इसे यहां लाकर किसी ने डाला है यह बातें जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेंगी।- अजित सिन्हा, सीनियर डीओएम रेलवे