अयोध्या। जिले में लगातार 36 घंटे से हो रही बारिश से रामनगरी तर-बतर हो गई। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 200 मिमी.(मिलीमीटर) वर्षा हुई। इससे शहर से लेकर गांव तक जलभराव हो गया।
महाराजगंज क्षेत्र में विशालकाय पीपल का पेड़ आवासीय छप्पर पर गिरने से एक बालिका की मौत हो गई, चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अमानीगंज क्षेत्र में बिजली गिरने से एक भैंस की मौत हो गई।
जनपद में कई गांवों में छप्पर व मिट्टी के मकान गिर गए। कई जगह पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। बारिश के साथ तेज हवा चलने से जगह-जगह फसलें जमीन पर बिछ गईं।
जिलाधिकारी ने गुरुवार को जिले के कक्षा-1 से 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। जिले में मंगलवार रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश का क्रम गुरुवार को भी जारी रहा।
थाना महाराजगंज के द्वारिकापुरी गांव निवासी हृदय राम राजभर अपने परिवार के साथ छप्पर में सो रहा था। तेज बरसात व हवा के चलते बगल में स्थित एक पीपल का पेड़ उसके छप्पर पर गिर गया।
जिससे छप्पर के नीचे सो रही पत्नी आशा समेत बच्चियां आंचल (12), काजल (8), सेजल (4) व सृष्टि (6) दब गए। हल्ला गुहार पर जुटे ग्रामीणों ने किसी तरह दबे हुए लोगों को निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरा बाजार पहुंचाया।
जहां से गंभीर रूप से घायल आंचल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ ले जाते समय रुदौली के पास बालिका ने दम तोड़ दिया।
थाना प्रभारी दिनेश कुुमार सिंह ने बताया कि बालिका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम ढोली असकरन में गुरुवार सुबह बिजली गिरने से गांव निवासी हरीनाथ यादव की एक भैंस की मौत हो गई है, जबकि पड़वा भी झुलस गया।
वहीं, रुदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर व सोहावल तहसील क्षेत्र के कई गांवों में मिट्टी के मकान व छप्पर गिर गए। हालांकि इसमें किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। सोहावल के हूंसेपुर निवासी जवाहर का कच्चा मकान गिर जाने से परिवार खुले मैदान में आ गया।
भारी बारिश के चलते सिविल लाइन स्थित सरकारी कार्यालयों समेत अनेक कॉलोनियों में घुटनों तक पानी भरा रहा। बस स्टेशन, पुलिस लाइन, एसपी ग्रामीण व सीओ आवास, बिजली कार्यालय, शिक्षा भवन, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय समेत अन्य कार्यालय व गली कॉलोनियां जलमग्न हो गई।
दर्शननगर स्थित अयोध्या-अंबेडकरनगर मुख्य मार्ग पर स्थित विद्युत सब स्टेशन के समीप बीच सड़क पर पेड़ धराशाई हो गया। इससे दोनों तरफ लंबा जाम लग गया।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग व स्थानीय पुलिस कर्मियों ने गिरे पेड़ को हटाकर आवागमन सुचारु कराया। हनुमानगढ़ी से चंद कदम की दूरी पर स्थित दंत धावन कुंड चौराहे पर बरगद का पुराना पेड़ गिरने घंटों मार्ग बंद रहा।
रायगंज, पुराना बस स्टेशन, पोस्ट आफिस, लवकुश नगर, सप्तसागर कॉलोनी समेत कई निचले इलाकों में तीन से चार फुट तक पानी भर गया। रुदौली तहसील क्षेत्र के मोहल्ला घोसियाना स्थित बाबा बाजार टैक्सी स्टैंड, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रुदौली के परिसर व सामने मुख्यमार्ग, भेलसर ओवरब्रिज की सर्विस रोड, नवीन मंडी सहित विभिन्न स्थानों पर जल भराव हो गया।
गोसाईगंज के तेलियागढ़ चौराहे से ठंडी सड़क मार्ग, बस स्टैंड से पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग मार्ग, रामगंज से चमनगंज मार्ग व अंबेडकरनगर-अयोध्या मुख्य मार्ग पर गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन बाधित रहा।
मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के इनायत नगर से बीकापुर संपर्क मार्ग, कुचेरा बाजार से पिपरी जलालपुर संपर्क मार्ग, इनायत नगर से अमानीगंज महात्मा गांधी संपर्क मार्ग तथा मिल्कीपुर पेट्रोल टंकी से खजुराहट संपर्क मार्ग पर पानी भरने से वाहनों तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल रहा।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार बीकापुर-जाना बाजार मार्ग जर्जर हो गया है। तिवारीपुर-बनकट कोछा मार्ग, जलालपुर माफी-शाहगंज मार्ग, बीकापुर-उमरपुर मार्ग, किसानगंज-नंदरौली-तेंदुआ माफी मार्ग, खजुरहट धरमगंज मार्ग सहित ग्रामीण क्षेत्र के अन्य कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा।
पूरा बाजार विकासखंड अंतर्गत ग्रामसभा सिरसिंडा गांव के लगभग दो दर्जन घरों सहित गांव में जाने वाले मुख्य मार्ग पर पानी भर जाने से ग्राम प्रधान रामतेज ने फोन कर तहसीलदार सदर राजकुमार पांडेय, कानूनगो मोहब्बत खान सहित अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन किसी ने मदद नहीं की।
बारिश से धान-गन्ना की फसलों के साथ ही सब्जियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रानी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम सभा सिडहिर नरसिंहपुर निवासी छेदीलाल मौर्य ने बताया कि धान की अगेती फसल पक कर तैयार है।
अत्यधिक बारिश से धान की फसल धराशाई हो गई। गोभी की फसल में भी जलभराव हो गया। क्षेत्र के हौसला प्रसाद सरोज ने बताया कि चार बीघा धान की फसल तैयार है। जलभराव होने से नष्ट होने का डर बना हुआ है।
सब्जी व्यवसायी गुल मोहम्मद ने बताया कि पालक, मूली, तोरई की फसल में जलभराव के कारण खराब होने का डर बना हुआ है। सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र की हजारों बीधा खड़ी धान एवं गन्ने की फसल तेज हवा व बारिश से जमीन पर बिछ गई।
किसान सूर्यनाथ वर्मा ने बताया कि पहले से मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए यह बारिश आफत बनकर सामने आई है। जलवानपुरा कॉलोनी में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पूरी कॉलोनी में करीब सात फुट पानी भर गया।
इससे लोग घरों की छत पर शरण लेने को मजबूर हो गए। स्थानीय निवासी सचिन सैनी, श्याम नारायन, गुड्डू सैनी, रमेश पांडेय, मनोज मोदनवाल आदि ने बताया कि पहली मंजिल पर पानी भरने के कारण वह दूसरी मंजिल या छतों पर रहने को मजबूर है।
चौबीस घंटों से वह घरों से नहीं निकल पाए है। इसके चलते दूध, सब्जी, पेयजल आदि की दिक्कत हो रही है। बताया कि स्थानीय लोगों की सूचना पर मंडलायुक्त नवदीप रिणवा ने नगर निगम को पंप लगाकर पानी निकालने के निर्देश दिए हैं।
करीब 200 करोड़ की लागत से बन रहे अयोध्या रेलवे के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर स्टेशन अधीक्षक, स्टेशन मास्टर, प्रतीक्षालय समेत अन्य जगहों में पानी भरा रहा। अधिकारी पैर कुर्सी पर रखकर काम करते रहे।
मुख्य प्रवेश द्वार पर लगा स्कैनर भी पानी में डूबा रहा। आरक्षण केंद्र के पास भी पानी भरा होने से आरक्षण का कार्य भी बाधित हुआ। स्टेशन स्टाफ द्वारा तीन-तीन मोटर लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया जाता रहा लेकिन लगातार पानी बरसने से जलभराव खत्म नहीं हुआ।
बरसात के मौसम के आखिर में हुई जोरदार बारिश किसानों के लिए लाभदायक कम हानिकारक ज्यादा है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज कृषि वैज्ञानिक एवं निदेशक प्रसार डॉ. एपी राव ने बताया कि अगेती किस्म की धान की फसलें तथा सब्जियों की फसलों को इस बारिश से भारी नुकसान हुआ है।
आने वाले रवि सीजन में तोरिया तथा राई की बुवाई भी पिछड़ जाएगी। थोड़ा बहुत लाभ पछेती किस्म वाले धान की फसलों को हुआ है। अरहर, उड़द की फसलों को भी काफी नुकसान हुआ। बताया कि अभी यह बारिश एक-दो दिन और होनी है जिससे केवल नुकसान ही होना है।
बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों में लोगों को 24 घंटों से बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। बीकापुर क्षेत्र में बुधवार शाम करीब चार बजे गुल हुई बिजली दूसरे दिन गुरुवार को दोपहर करीब 11 बजे बहाल हुई।
एसडीओ विद्युत बीकापुर मनोज कुमार मौर्या ने बताया कि ऊपर से ही विद्युत आपूर्ति बाधित हुई थी। तारुन क्षेत्र में बुधवार सुबह से गुल बिजली गुरुवार देर शाम तक नहीं आई।
उपकेंद्र तारुन के जेई रामयज्ञ दुबे ने बताया कि मेन सप्लाई बाबूरिका कौधा के पास बाधित हो गई है। जिसे ठीक कराया जा रहा है। इस समस्या से अयोध्या-फैजाबाद भी अछूता नहीं रहा। यहां भी गुरुवार शाम तक बिजली आने जाने का सिलसिला जारी रहा।
पॉवर कॉर्पोरेशन के चीफ इंजीनियर एके सिंह ने बताया कि बारिश व तेज हवा के चलते कुछ जगहों पर विद्युत आपूर्ति बाधित रही, जिसे ठीक करवा दिया गया है।
बारिश के माह जून, जुलाई व अगस्त में बारिश के लिए प्यासी धरती को अक्तूबर में बिन मौसम बरसात ने खूब तर किया। बुधवार रात से गुरुवार अपराह्न तक जिले के कुमारगंज में 156, बांसगांव में 210 व पिरखैली सोहावल में 220 मिमी. (मिलीमीटर) वर्षा दर्ज की गई।
जिले की औसत वर्षा करीब 200 मिमी. रही। यह इस सीजन में महज 24 घंटों में सबसे ज्यादा वर्षा रही। आचार्य नरेंद्र देव कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार 5 अक्तूबर की रात 9 बजे से 6 की सुबह 7 बजे तक 120.0 मिमी. (मिलीमीटर) वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा के अनुसार आगामी 24 घंटे घने बादल छाय रहने व हलकी से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
अयोध्या-रेलवेस्टेशन पर जलभराव से होकर बाहर आते लोग।-संवाद- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-बारिश के कारण ग्राम सिरसिंडा में घरो में हुआ जलभराव।-संवाद- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-रेलवेस्टेशन में जलभराव के कारण बैग स्कैनिग मशीन पर बैठे लोग।-संवाद- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-बारिश के कारण जलमग्न जलवानपुरा घरो में घुसा पानी।-संवाद- फोटो : FAIZABAD