अपने ही पैसे के लिए भटक रहे गन्ना किसान
अयोध्या। शासन-प्रशासन की अनदेखी से शादी-विवाह की खरीद से लेकर इलाज व बच्चों की फीस देना किसानों के लिए मुसीबत का पर्याय बना हुआ है। मिल मालिक नियमानुसार 14 दिन पूर्व तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
मौजूदा समय में जिले की दोनों चीनी मिलों पर किसानों का 93.74 करोड़ बकाया है। किसान अपने ही पैसे के भुगतान के लिए दर-दर भटक रहे हैं, जबकि प्रशासनिक अधिकारी मिल मालिकों के पक्ष में ही राग अलाप रहे हैं।
जिले के करीब 80 हजार किसानों ने इस बार 73 हजार 305 हेक्टेयर में गन्ना उत्पादन किया था। यहां की केएम शुगर मिल्स लिमिटेड मोतीनगर, मसौधा व रौजागांव चीनी मिलों ने गन्ना खरीदा। लेकिन किसानों की गाढ़ी कमाई का भुगतान करने में पीछे हैं।
जबकि शासन की ओर से किसानों के गन्ने का मूल्य इस बार भी नहीं बढ़ाया गया था। रौजागांव चीनी मिल में तो भुगतान की स्थिति कुछ बेहतर है, लेकिन मसौधा चीनी मिल इस मामले में फिसड्डी साबित हो रही है।
मसौधा चीनी मिल पर 14 दिन तक खरीदे गए गन्ने का कुल मूल्य 187.16 करोड़ है। जिसके सापेक्ष अब तक 109.47 करोड़ का भुगतान किया गया है, जो कुल देयता का 58 प्रतिशत है और 77.69 करोड़ रुपये बकाया है।
वहीं, रौजागांव चीनी मिल पर इस अवधि का कुल 162.53 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा गया, जिसके सापेक्ष कुल 146.48 करोड़ का भुगतान हुआ है, जबकि 16.05 करोड़ अवशेष हैं।
मसौधा चीनी मिल ने 10 जनवरी व रौजागांव चीनी मिल ने 29 जनवरी तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान किया है। इन दिनों शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। किसी को बेटी के हाथ पीले करने हैं तो किसी को बहू लानी है।
यहीं नहीं कुछ किसानों को बीमारी की इलाज और परीक्षा से पहले बच्चों की फीस जमा करने के भी लाले पड़ गए हैं। समय से गन्ने का पैसा न मिलने से किसानों के हाथ खाली हैं। अपना पैसा होते हुए भी इधर-उधर कर्ज मांगना पड़ रहा है।
बीकापुर तहसील के शेरपुर खपरैला निवासी किसान अभयराज ब्रह्मचारी ने बताया कि मसौधा चीनी मिल में अभी तक पांच ट्रॉली गन्ना आपूर्ति किया है। जिसका करीब 90 हजार रुपये बकाया है। भुगतान न होने से बच्चों की फीस समय पर जमा नहीं हो रही है।
शांतिपुर के किसान राघवराम ने बताया कि 21 फरवरी को पौत्री की शादी थी। मसौधा चीनी मिल में तीन ट्रॉली गन्ने का मूल्य नहीं मिला। किसी तरह कर्ज मांगकर शादी निपटाई गई।
शांतिपुर गांव के किसान सूर्य बहादुर सिंह ने बताया कि मसौधा चीनी मिल में पांच ट्रॉली गन्ना बेचा गया है, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। आठ मार्च को बेटी की शादी है, लेकिन फूटी कौड़ी नहीं है।
सूखापुर इटौरा के किसान रामजनम वर्मा ने बताया कि तीन गाड़ी गन्ना मसौधा चीनी मिल में बेचा गया है, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। लोगों से कर्ज लेकर किसी तरह खेती-गृहस्थी का काम चलाया जा रहा है।
जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि रौजागांव चीनी मिल ने तेजी से भुगतान किया है लेकिन मसौधा चीनी मिल में भुगतान मंद गति से हो रहा है। मौजूदा समय में करीब 93.74 करोड़ रुपये बकाया है। शीघ्र भुगतान करने के लिए मिल मालिकों को नोटिस दिया गया है।