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अधर में लटकी मार्डन डेयरी प्लांट की योजना

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मॉडर्न डेयरी प्लांट की योजना अधर में
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अयोध्या। पराग दुग्ध केंद्र अयोध्या में स्थापित होने वाली मॉडर्न डेयरी प्लांट की योजना अधर में है। डेयरी प्लांट का शिलान्यास हुए करीब डेढ़ वर्ष बीत गए हैं। इसके निर्माण की निर्धारित अवधि भी समाप्त हो चुकी है, लेकिन यह प्लांट अब तक मूर्त रूप नहीं ले सका है।

वहीं प्लांट स्थापना के लिए आई मशीन भी लंबे समय से खुले आसमान में होने के कारण खराब हो रही है। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नई क्रांति लाने के उद्देश्य से पराग दुग्ध केंद्र अयोध्या में मॉडर्न डेयरी प्लांट की स्थापना का शिलान्यास सपा सरकार में किया गया था।
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54 करोड़ की लागत वाले प्लांट की क्षमता 50 हजार लीटर बताई गई थी। शिलान्यास के बाद काम शुरू हुआ लेकिन काम की गति इतनी धीमी है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी प्लांट के निर्माण का अभी 50 प्रतिशत काम ही पूरा हो चुका है।

बॉयलर, टैंकर आदि मशीन बहुत पहले ही आ चुकी है जो कि खराब भी हो रही है। प्लांट को मार्च 2018 तक पूर्ण करना था लेकिन जानकारों के अनुसार अभी इस प्लांट के पूर्ण होने में करीब डेढ़ साल और लग जाएंगे।

पराग दुग्ध संघ अयोध्या में अभी 20 हजार क्षमता वाला प्लांट स्थापित है। 1976 में अयोध्या में पांच हजार लीटर क्षमता वाली डेयरी प्लांट की स्थापना हुई थी। जिसकी क्षमता वर्तमान में बढ़कर 20 हजार लीटर है।

50 हजार लीटर क्षमता वाली डेयरी प्लांट की स्थापना होने से दूध का स्टोरेज एवं उत्पादन और अधिक बढ़ेगा। पराग दुग्ध केंद्र के महाप्रबंधक आईबी सिंह ने बताया कि प्लांट के शीघ्र स्थापना के लिए मुख्यालय को लगातार पत्राचार किया जा रहा है।

कुछ तकनीकि बाधाओं की वजह से देरी हो रही है। यदि काम तेजी से शुरू हो जाए तो करीब डेढ़ वर्ष के भीतर प्लांट तैयार हो जाएगा। पराग दुग्ध संघ फैजाबाद ने 20 व 50 मिली पाउच घी की बिक्री प्रारंभ कर दी है।

दुग्ध सिंह के अध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि पराग का उद्देश्य है कि उसका उत्पाद गरीबों तक पहुंचे। अभी तक गरीब तबके के लोग घी नहीं खरीद पाते थे, लेकिन अब यह उनके लिए संभव हो सकेगा। पराग ने 20 व 50 मिली पाउच वाला घी बाजार में उतार दिया है।

जिसकी कीमत क्रमश: 10 व 25 रुपये है। महाप्रबंधक आईबी सिंह ने बताया कि दूध की क्वालिटी बरकरार रखने के लिए हर 10 किलोमीटर पर बल्क मिल्क कूलर भी लगाने की व्यवस्था की जा रही है।
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गांव के किसान अब पहले सीधे बल्क कूलर में दूध लाकर डाल सकेगा। जिससे दुध की गुणवत्ता प्रभावित नहीं होगी। बताया कि यदि दूध निकालने के बाद डेढ़ घंटे के भीतर बल्क कूलर में पहुंचा दिया जाए तो उसका कोई तोड़ नहीं है।
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