आंधी-पानी से हुई तबाही, बिजली-पानी ठप
फैजाबाद। तेज आंधी और बारिश से बृहस्पतिवार को पूरे दिन बिजली व्यवस्था छिन्न-भिन्न रही। शहर में 18 घंटे बाद कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई है। करीब पांच लाख आबादी बिजली-पानी के लिए पूरे दिन परेशान रही। अब तक हुए सर्वे में पावर कॉर्पोरेशन को विद्युत पोल व तार टूटने से कुल 25 लाख की क्षति का अनुमान है। वहीं 94 पेड़ गिरने से वन, पीडब्ल्यूडी व राजस्व विभाग को 20 लाख क्षति आंकी गई है। कुल 14 मकान गिरे हैं। इसकी चपेट में आए सात गंभीर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कमिश्नर मनोज मिश्र व डीआईजी ओंकार सिंह ने प्रभावित इलाकों में दौरा भी किया। जिला अस्पताल में घायलों का हाल-चाल जाना, साथ ही चक्रवात से हुई जन-धन की क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
शहर में बुधवार शाम आई तेज आंधी व बारिश से शहर में प्रत्येक गली मोहल्लों के पोल टूट गए। पेड़ों के तारों पर गिरने के कारण पूरे-पूरे इलाके की बिजली बाधित हो गई। सोहावल के 220 केवीए व दर्शन नगर के 132 केवीए पर ब्रेक डाउन से 18 घंटे से अधिक लाइट नहीं रही। गुरुवार शाम चार बजे के बाद विद्युत व्यवस्था ढर्रे पर लौटनी शुरू हुई है। पावर कॉर्पोरेशन की टीम ने शहर में लगभग 300 स्थानों से अधिक स्थानों पर बिजली फाल्ट चिह्नित कर कार्य शुरू किया, लेकिन विद्युत तारों पर गिरे भारी पेड़ों की वजह से काफी दिक्कतें आईं। इससे बिजली व्यवस्था शहर में बहाल होने में 18 घंटे से अधिक का समय लग गया। इसके बाद भी व्यवस्था पूरी तरह ढर्रे पर नहीं लौट पाई। ग्रामीण इलाकों में 24 घंटे अधिक से बिजली ठप रही। दर्शन नगर 132 केवीए से जाने वाली गोसाईगंज, बीकापुर, तारुन, मिल्कीपुर व बाकरगंज समेत 12 लाइनों पर विद्युत प्रवाह पूरी तरह से प्रभावित रहा। फाल्ट दुरुस्त किए जाने का कार्य बृहस्पतिवार देर शाम खबर लिखे जाने तक जारी था। दूसरी ओर आंधी-बारिश समाप्त होने के बाद वन विभाग की टीम ने सबसे पहले हाई-वे पर गिरे पेड़ों को हटाया। इसके बाद शहर में गिरे पेड़ों को हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि देर शाम तक शहर के विभिन्न मार्गों पर गिरे पेड़ों को पूरी तरह से नहीं हटाया जा सका है। शहर के सिविल लाइंस समेत कई इलाकों में सड़कों पर पेड़ अभी भी पड़े हुए हैं।
लखनऊ हाई-वे का टू लेन सुबह हुआ बहाल
डीएफओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि आंधी-बारिश में कुल 94 पेड़ गिरे हैं। पुलिस व एनएचआई की टोल प्लाजा टीम के इसे हटाने का काम पूरा कर लिया गया है। लखनऊ फोर लेन हाई-वे पर मारुति एजेंसी के पास गिरे पेड़ से टू लेन का यातायात ठप हो गया था। इसे सुबह बहाल किया गया है। नजूल, वन विभाग व पीडब्ल्यूडी को कुल 20 लाख क्षति का अनुमान है।
रेल ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनें हुईं प्रभावित
दर्शननगर रेल क्रॉसिंग के पास ट्रैक पर पेड़ गिरने से रेल यातायात भी प्रभावित रहा। डीएफओ ने बताया कि डीआरएम को सूचना देकर रेलवे की टीम के साथ मिलकर पेड़ को हटाने के बाद ट्रेनें रवाना हो पाईं। फैजाबाद समेत जहां-तहां ट्रेनें आधे घंटे तक खड़ी रहीं। लखनऊ की ओर से आने वाली किसान एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, फैजाबाद -दिल्ली एक्सप्रेस, डिबरूगढ़ एक्सप्रेस, लखनऊ-बरेली पैसेंजर समेत कई ट्रेनें प्रभावित रहीं। कई ट्रेनों को बारांबकी-गोंडा व लखनऊ से ही सुल्तानपुर व रायबरेली मार्ग से भेजा गया।
पानी के लिए परेशान हुए लोग
शहर में चक्रवात के आने के बाद ठप हुई विद्युत व्यवस्था के चलते शहर में सभी नलकूप संचालित नहीं हो पाए। इससे शहर में पानी के लिए लोग परेशान हो गए। बिजली न होने से वाटर सप्लाई के अलावा जेटपंप व समरसेबल वालों को भी पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। सुबह से ही लोग अपने घरों के पास हैंडपंपों पर पहुंच गए। शहर के कई हैंडपंपों पर पानी की कतारें देखी गई।
आंधी व बारिश से 80 से अधिक पोल टूटे हैं। 25 लाख रुपये की क्षति का अनुमान है। बिजली व्यवस्था को ढर्रे पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।- एके सिंह, चीफ इंजीनियर, मध्यांचल विद्युत वितरण खंड, फैजाबाद
आंधी-पानी से फैजाबाद-अयोध्या शहर समेत देहात कुछ आंशिक इलाके ही प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा अंबेडकरनगर व सुल्तानपुर के कुछ इलाके में असर था। आंधी के दौरान जिला अस्पताल के डॉक्टरों को अलर्ट पर रखा था। सबसे पहले जलापूर्ति को लेकर संबंधित इलाकों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराई गई है। राजस्व विभाग को जन-धन की हानि के आकलन व राहत देने का निर्देश दिया गया है।- मनोज मिश्र, कमिश्नर
90 किमी. की गति से था साइक्लोन : मौसम विभाग
एनडी विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ तिवारी का कहना है कि बुधवार शाम को आई आंधी-पानी साईक्लोन था। हवा की गति करीब 90 किमी प्रतिघंटा थी। इसका केंद्र फैजाबाद-अयोध्या शहर था। यहीं से तूफान अंबेडकरनगर की ओर होते हुए समाप्त हो गया। तूफान के दौरान करीब 30 मिलीमीटर बारिश हुई है। इससे किसानों को फायदा हुआ है।