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प्रदेश का पहला आलू रिसर्च सेंटर एनडी विवि में खुलेगा

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एनडी विवि में खुलेगा प्रदेश का पहला आलू रिसर्च सेंटर
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फैजाबाद। प्रदेश के आलू किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब उनको अपने गांव की जलवायु व मिट्टी के आधार पर आलू के बीजों की प्रजातियां मिल सकेंगी। इसके लिए आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अपने कैंपस में आलू रिसर्च सेंटर की स्थापना करने जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से आलू रिसर्च सेंटर स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव को विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंजूरी दे दी है। अब सेंटर स्थापित करने के लिए भूमि व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर पोटेटो का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजने के बाद बजट का आवंटन होगा। अनुमानित लागत 10 करोड़ होने की संभावना है।
प्रदेश में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है लेकिन इसके बाद भी अभी तक प्रदेश में आलू के बीजों पर रिसर्च का कोई केंद्र स्थापित नहीं हो पाया है। अभी तक आलू के बीचों व प्रजातियों पर रिसर्च के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्थापित रिसर्च सेंटर के भरोसे रहना पड़ता है। इसमें कई बार ऐसा भी होता है कि मैदानी इलाकों के आलू की प्रजातियों पर विशेष जोर नहीं हो पाता है। प्रदेश सरकार ने अपनी बुनियादी समस्याओं को समझते हुए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर पोटेटो नामक योजना बनाई है। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए प्रदेश सरकार ने कानपुर कृषि विश्वविद्यालय, नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय फैजाबाद, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ और रानी लक्ष्मीबाई सेंट्रल यूनिवर्सिटी समेत एक ओपन यूनिवर्सिटी को प्रस्ताव भेजा। इस योजना में एनडी विश्वविद्यालय ने काफी रुचि दिखाई। कुलपति जेएस संधू ने अपने वैज्ञानिकों व प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक कर आलू रिसर्च सेंटर अपने विश्वविद्यालय में खोलने के लिए सहमति प्रदान कर दी है। साथ ही 10 हेक्टेयर भूमि चिह्नित करने व रिसर्च सेंटर का प्रस्ताव बनाने के निर्देश भी दे दिए। मौजूदा समय में प्रस्ताव बनाने का कार्य चल रहा है। जल्द ही यह शासन में प्रस्तुत कर बजट के अलाटमेेंट की बात शुरू होगी। बता दें कि मौजूदा समय में पूर्वांचल के आलू किसान काफी दिक्कत में हैं। पूर्वांचल में आलू की खेती समाप्ति की ओर है। इस रिसर्च सेंटर के खुल जाने से किसानों फिर से आलू की फसल की ओर लौट सकते हैं।
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जलवायु व मिट्टी के आधार पर विकसित की जाएंगी प्रजातियां
एनडी विश्वविद्यालय में खुलने वाले रिसर्च सेंटर में खासतौर से उसर, हल्की व भारी मिट्टी, दोमट व चिकनी मिट्टी में कम भूमि में अच्छी आलू की पैदावार करने पर रिसर्च किया जाएगा। साथ ही तापमान के बढ़ते-घटते क्रम से आलू की फसलों को होने वाले नुकसान को रोकना भी रिसर्च का विषय होगा। इसके अलावा आलू में लगने वाले झुलसा रोग न होने संबंधी रिसर्च भी किया जाएगा कि किस प्रकार रोग लगने के बाद किसान अपनी फसल बचा सकते हैं।
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प्रदेश सरकार की योजना को सहमति प्रदान कर दी गई है। पहले चरण की मीटिंग हो चुकी है। इसमें भूमि सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। दूसरे चरण की मीटिंग में बजट संबंधी बातें शासन के साथ तय की जाएगी। उम्मीद है कि बजट के अलाटमेंट के बाद जल्द ही रिसर्च सेंटर की स्थापना कर दी जाएगी। - प्रो. जेएस संधू , कुलपति एनडी विवि, कुमारगंज फैजाबाद
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