मंडलीय अस्पताल में मिलेगी डायलिसिस की सुविधा
फैजाबाद। किडनी की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। दर्शननगर स्थित मंडलीय चिकित्सालय में जल्द ही डायलिसिस यूनिट शुरू होने जा रही है। इसे पीपीपी (प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप) के आधार पर संचालित किया जाएगा। इसके लिए इन दिनों 100 शैय्या की इमारत में दूसरे तल पर बिल्डिंग का मानक के अनुसार आधुनिकीकरण कर शासन को अवगत कराया गया है। अब शीघ्र ही यूनिट स्थापित होने के आसार हैं।
जिले में स्थित मंडलीय अस्पताल को अब तमाम उच्चीकृत सुविधाएं देने की तैयारी की जा रही हैं। यहां पर एमआरआई व सीटी स्कैन स्थापित होने का रास्ता पहले ही साफ हो चुका है। अब डायलिसिस यूनिट खुलने को भी शासन से हरी झंडी मिल चुकी है। अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर एसआरएल या अन्य किसी निजी कंपनी द्वारा डायलिसिस यूनिट को खोलने की कवायद तेजी से चल रही है। द्वितीय तल पर बिल्डिंग को शासन से आए नुमाइंदों के निर्देश पर मानक के अनुसार उच्चीकृत किया जा चुका है। जिसमें सिविल, इलेक्ट्रिक आदि कार्य तेजी से संपन्न कराये जा रहे हैं। जिसमें अब तक करीब पांच लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। भवन की वस्तुस्थिति से भी अब अस्पताल प्रशासन ने निदेशक चिकित्सा एवं उपचार को अवगत करा दिया है। अब निजी संस्था की ओर से भ्रमण कर बिल्डिंग संतोषजनक पाए जाने पर यूनिट स्थापित की जाएगी।
डायलिसिस यूनिट के खुलने के बाद बाजार से सस्ती दरों पर मरीजों का उपचार किया जाएगा। वर्तमान में डायलिसिस सेंटर की सुविधा लखनऊ या दिल्ली के अस्पतालों में मिल रही है। जहां मरीज को एक बार डायलिसिस के लिए 1800 से लेकर 2500 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इससे जरूरतमंद आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को पैसों की कमी से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंडलीय चिकित्सालय में अक्सर इलाज की सुविधा के अभाव में मरीजों को गंभीर हालत में रेफर कर दिया जाता है। जो कंपनी यह सुविधा यहां देगी, वह शीघ्र ही यहां पर इससे जुड़ी जरूरी उपकरणों का सेटअप करेगी। यूनिट के स्थापित होने के बाद मरीजों की बड़ी बचत तो होगी ही, साथ में धक्के भी नहीं खाने पड़ेंगे। यह यूनिट स्थापित करने के लिए शासन का किसी निजी कंपनी से एमओयू साइन किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन को सिर्फ जगह मुहैया कराना है। कंपनी की ओर से मिलने वाली सेवाओं की मॉनिटरिंग भी अस्पताल प्रशासन द्वारा की जाएगी। इसके बदले कंपनी यहां करोड़ों की लागत से डायलिसिस मशीनें लगाएगी। साथ ही प्रशिक्षित स्टाफ और इनके रख-रखाव का जिम्मा भी कंपनी का होगा।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि कंपनी और सरकार में गरीब मरीजों को मुफ्त सुविधाएं देने और अन्य मरीजों से बेहद कम खर्च वहन करने का भी समझौता हुआ है। कंपनी के अधिकारियों ने इसकी विजिट भी कर ली है। यूनिट के लगने के बाद बीपीएल, सरकारी पेंशन पात्रों का निशुल्क इलाज होगा। यूनिट लगने का काम बीते माह ही शुरू हो चुका है। पीपीपी मॉडल पर इसकी शुरुआत की जाएगी। जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कार्य जारी है। सीटी स्कैन, एमआरआई के बाद डायलिसिस यूनिट स्थापित होने से अस्पताल बनने का उद्देश्य सफल होगा।
शीघ्र ही पीपीपी मॉडल पर किसी निजी कंपनी की ओर से मंडलीय अस्पताल में डायलिसिस यूनिट स्थापित की जाएगी। इससे किडनी के मरीजों को भारी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए द्वितीय तल पर भवन मुहैया कराया गया है। अब कंपनी के लोग दौरा करके मशीनरी आदि स्थापित करके इसका संचालन करेंगे।-डॉ. अमर सिंह कुशवाहा, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण