पौराणिक योगिनी कुंड को प्रशासन ने लिया कब्जे में
- नगर मजिस्ट्रेट ने दिया कुर्की का आदेश
फैजाबाद राजकीय औद्योगिक संस्थान के पीछे स्थित पौराणिक योगिनी कुंड को नगर मजिस्ट्रेट द्वारा एक बड़ी कार्यवाही करते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 146 (1) के तहत कुर्की करने का आदेश दिया है।
ज्ञात हो कि चौकी इंचार्ज से लकेर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली व क्षेत्राधिकारी नगर की आख्या व संस्तुति को गंभीरता पूर्वक लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट द्वारा कुर्की का आदेश दिया गया है। नगर मजिस्ट्रेट छोटे लाल मिश्र ने पुलिस आख्या व संस्तुति के आधार पर यह माना है कि मौजूदा हालात में योगिनी कुंड को लेकर दोनों पक्षों में कसीदगी बनी हुई है। अत: शांति भंग होने की प्रबल आशंका होने के साथ-साथ हिसंक घटनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। भूमि सं. 413 पर यथा स्थिति बनाये रखने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 145 (1) के अन्तर्गत कार्यवाही किया जाना आवश्यक है।
इसके पहले मामले में शिवसेना उपप्रमुख सन्तोष दूबे व अयोध्या हनुमान घड़ी के पुजारी आचार्य राम देव दास शास्त्री के शिकायती पत्र पर प्रशासन द्वारा जांच कराई गई थी। नगर मजिस्ट्रेंट ने जांच के दौरान यह पाया कि भूमि संख्या 413 पर बाग दर्ज है, इस आधार पर बाग का पट्टा नहीं हो सकता है। नोटिस जारी होने पर प्रेम चन्द्र रस्तोगी व नायब तहसीलदार नजूल पट्टा प्रस्तुत नहीं कर सके थे। पौराणिक योगिनी कुंड को भू माफिया से मुक्त कराने की लड़ाई लड़ रहे हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि यह सच्चाई की जीत है। अयोध्या धाम में 148 पौराणिक कुण्डों में का अस्तित्व आज पूरी तरह से खतरे में है।