अयोध्या नहीं काशी व मथुरा कूच करें शंकराचार्य स्वरूपानंद : विहिप
अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या कूच करने व शिलान्यास की घोषणा करने वालों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अयोध्या कूच करना ही है तो काशी विश्वनाथ, कृष्ण जन्मभूमि मथुरा के लिए कूच करिए।
अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं तो अयोध्या कूच की बात निरर्थक है। विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि 1990 में जब मुलायम सिंह सरकार के दौरान गोलियां चली और निहत्थे राम भक्तों का संहार हुआ तब पूज्य शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज कहां थे।
विहिप प्रवक्ता ने कहा कि जब 1992 में ढांचा गिरा उस दौरान कूच का एलान करने वाले कहां थे। कहा कि आज बलिदान देने की नही, निर्माण की आवश्यकता है।
आज जब आंदोलन अपने पूर्णता की ओर बढ़ गया है ऐसे में श्रेय लेने वालों की होड़ मची हुई है। कहा कि किसी भी भवन या मठ मंदिर का शिलान्यास एक ही बार होता है बार-बार नहीं।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का शिलान्यास 1989 मे दलित बन्धु कामेश्वर चौपाल के द्वारा देश के प्रमुख संत धर्माचार्यों की उपस्थिति में हो चुका है। अब दोबारा यह घोषणा मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े संतों और करोड़ों रामभक्तों का अपमान होगा।