दीपोत्सव में 116 विदेशी कलाकार दिखाएंगे हुनर
अयोध्या। रामनगरी में आयोजित होने वाले दीपोत्सव की तैयारी तेज हो गई है। इस वर्ष का दीपोत्सव भगवान राम की गरिमा के अनुकूल भव्यता की नजीर बनेगा। अयोध्या में त्रेतायुग का अहसास होगा।
दीपोत्सव में भारत के लोक संस्कृति की झलक दिखेगी तो 500 लोक कलाकारों के साथ 116 विदेशी कलाकार भी अपना हुनर दिखाएंगे। छह देशों की रामलीला राम संस्कृति की वैश्विकता का प्रमाण प्रस्तुत करेगी।
तीन लाख दिए जलाकर रामनगरी नया विश्व रिकॉर्ड बनाएगी। राम की पैड़ी को रंगोली से सजाया जाएगा। सरयू घाट व रामपैड़ी के समीप स्थित मंदिर एक रंग में नजर आएंगे। केरल का यक्ष ज्ञान आकर्षण का केंद्र होगा। प्रख्यात कलाकारों को सम्मानित भी किया जाएगा।
योगी सरकार ने 4 से 6 नवंबर तीन दिन तक आतताई रावण का वध कर भगवान राम, लक्ष्मण व माता सीता समेत पूरी सेना के अयोध्या लौटने की खुशी में त्रेतायुगीन रामलीला जैसा दृश्य साकार करने की योजना बनाई है।
दीपोत्सव में छह देशों की लीला मंडली रामलीला का मंचन करेगी। कंबोडिया के 15, लाओस के 15, रूस के 12, इंडोनेशिया के 33, श्रीलंका के 23 व त्रिनिडाड के 18 कलाकार दीपोत्सव में अपनी प्रतिभा का हुनर दिखाएंगे।
रामायण पर आधारित रामजन्म से लेकर राम-रावण युद्ध तक कुल 11 झांकियां भी सजेंगी। दीपोत्सव में भारत के कई राज्यों की लोक संस्कृति की भी झलक दिखेगी।
अयोध्या शोध संस्थान के व्यवस्थापक रामतीरथ ने बताया कि केरल से आठ कलाकारों की टीम आएगी। यक्षगान के प्रमुखत: चार माध्यम हैं संगीत, नृत्य, संवाद और चित्रकारी। केरल के कलाकार रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर इन चार विधाओं से अपनी कला दिखाएंगे।
वहीं छत्तीसगढ़ का पारंपरिक पंथी लोकनृत्य दीपोत्सव में चार चांद लगाने का काम करेगा। पंथी लोकनृत्य के दौरान कलाकार मानव मीनारों की रचना और हैरतअंगेज कारनामे भी दिखाते हैं। इस दौरान भी गीत, संगीत व नृत्य का प्रवाह बना रहता है।
इसके अतिरिक्त झारखंड का छाऊ नृत्य, राजस्थान का बहुरूपिया नृत्य सहित विभिन्न जिलों आजमगढ़, बांदा, इलाहाबाद, बाराबंकी, गाजीपुर, कौशांबी के लोक कलाकार अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
पर्यटन विभाग एवं संस्कृति विभाग के तत्वाधान में 4 से 6 नवंबर के बीच ही अयोध्या सहित तीन जिलों में रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है।
रामायण कॉन्क्लेव के अंतर्गत अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन होगा तो वहीं लखनऊ व चित्रकूट में रामलीला सहित अन्य आयोजन होंगे। दीपोत्सव में अयोध्या आने वाले विदेशी रामलीला दल लखनऊ में भी लीला मंचन करेंगे।
लखनऊ में रूस, त्रिनिडाड, श्रीराम भारती कला केंद्र, लाओस, कंबोडिया, इंडोनिशया, श्रीलंका कुटिअट्टम की रामलीला होगी। वहीं चित्रकूट में केरल का यक्षगान, लिटिल बैले कठपुतली, काशी, ओड़िशा व सतना की रामलीला का मंचन किया जाएगा।
दीपावली पर तीन लाख दीपों से रामनगरी को रोशन करने की तैयारी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, बस्ती व सुल्तानपुर जिलों के महिला समूहों को दीया बनाने का काम दिया जाएगा।
इसी क्रम में 60 हजार दीपों के साथ 80 हजार बाती और दो हजार मोमबत्ती भी बनाने का जिम्मा बाराबंकी की महिला समूहों को दिया जा चुका है। बाती बनाने के लिए रूई की उपलब्धता समूह की महिलाएं करेंगी। शेष दीपों के लिए अन्य महिला समूहों से वार्ता चल रही है।