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अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा शुरू, 3284 ने छोड़ी परीक्षा, दो नकलची पकड़े
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा पहली बार ऑडियोयुक्त सीसीटीवी की निगरानी में बृहस्पतिवार से शुरू हुई। कुलपति और सचल दलों ने छापेमारी की। पहले दिन की तीन पाली में हुई परीक्षा के प्रश्नपत्रों में कुल 65 हजार 636 परीक्षार्थियों में से 3 हजार 284 ने परीक्षा छोड़ दी। इस दौरान बहराइच में दो नकलची पकड़े गए। 10 सचल दलों में चार सचल दल पहले दिन निकले ही नहीं।
अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा गुरुवार को शुरू हो गई। विश्वविद्यालय परिसर में सुबह के साढ़े पांच बजे से ही प्रश्नपत्र से लेकर सचल दलों को भेजने को लेकर गतिविधियां शुरू हो गई थीं। सचल दल की टीमें विश्वविद्यालय परिसर में एकत्रित होने के बाद अपने नियत स्थान की ओर रवाना हुईं। हालांकि विवि की ओर बनाए गए 10 सचल दल में सिर्फ छह का ही मूवमेंट पहले दिन रहा। भोर से ही विवि के 21 नोडल केंद्रों की भी सक्रियता दिखी। नोडल प्रभारियों की ओर से महाविद्यालयों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए।
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सुबह की पहली पाली में बीए भाग तीन की मनोविज्ञान और बीएससी भाग तीन की फिजिक्स की परीक्षा संपन्न हुई। दूसरी पाली में बीए भाग एक की मध्यकालीन इतिहास व बीएससी भाग एक की फिजिक्स की परीक्षाएं हुई। पहली बार स्नातक प्रथम वर्ग के परीक्षार्थियों ने ओएमआर शीट पर बहुविकल्पी प्रशभनों को हल करके परीक्षाएं दीं। शाम की तीसरी पाली में बीएससी भाग दो की फिजिक्स व बीए भाग दो के मध्यकालीन इतिहास की परीक्षाएं हुई। परीक्षा के दौरान सभी 10 जनपदों पर आंतरिक सचल दलों ने तीनों पालियों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। महाविद्यालयों के केंद्राध्यक्षों ने परीक्षाएं सीसीटीवी में देखते हुए मॉनीटरिंग की। दूसरी ओर सचल दलों ने भी अपने-अपने निर्धारित जनपदों में परीक्षा केंद्रों की जांच पड़ताल की है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. एसएल पाल का दावा है कि पहले दिन की परीक्षा सामान्य व नकलविहीन संपन्न कराई गई है। विवि के सचल दल ने पहले दिन महाराज बलभद्र महाविद्यालय बहराइच व अशोक कुमार महाविद्यालय कुटेहना बहराइच में एक-एक नकलची को पकड़ा है। पहले दिन की परीक्षा में कुल 65 हजार 636 में से 62 हजार 354 ने परीक्षा दी है।

कुलपति ने किया महाविद्यालय का औचक निरीक्षण
अवध विश्वविद्यालय ने कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित परीक्षा की हकीकत से रू-ब-रू होने के लिए पहली पाली में गोंडा जनपद में स्थित आचार्य महादेव महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। कुलपति ने परीक्षा रूम में जाकर परीक्षार्थियों से बातचीत के साथ चेकिंग की। सीसीटीवी की मॉनीटरिंग भी की। कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने बताया है कि निरीक्षण में कोई विशेष खामी नहीं पाई गई है।

विश्वविद्यालय से भी लाइव देखी गई परीक्षा
विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय व ईडीपी में स्थापित कंट्रोल रूम पर समस्त 10 जनपदों में हो रही परीक्षा को लाइव देखा गया। साथ ही कुलपति ने काफी देर तक अपने कार्यालय में बैठकर जनपद वार परीक्षा का लाइव टेलीकास्ट देखा। इसके अलावा विभिन्न जनपदों से लाइव टेलीकास्ट में आनी वाली दिक्कतों के लिए विश्वविद्यालय के ईडीपी सेल में पांच कंप्यूटर विशेषज्ञ लगातार कार्य करते रहे। पहले दिन कुछ महाविद्यालयों से हल्की-फुलकी दिक्कतों के आलावा सब कुछ सामान्य रहा।

साकेत महाविद्यालय में कौन केंद्राध्यक्ष विवि को नहीं पता!
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय मुख्य परीक्षा में नकलविहीन व शुचितापूर्ण परीक्षा के दावे अवश्य कर रहा है लेकिन इंतजाम में खामियां सवाल उठाती रहीं। विश्वविद्यालय ने बुधवार देर रात्रि में केंद्र व्यवस्थापकों की सूची अपनी वेबसाइट डाली, जो अपूर्ण रही। विश्वविद्यालय को यह पता ही नहीं हैं कि पूर्वांचल का सबसे बड़ा महाविद्यालय कामता प्रसाद सुंदरलाल साकेत महाविद्यालय का प्राचार्य कौन है? व इनका मोबाइल नंबर क्या है? ऐसी ही तमाम गड़बड़ियां केंद्राध्यक्ष की जारी सूची में अंकित हैं।
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विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा गुरुवार से शुरू हो गई है। परीक्षा में अनुमोदित प्राचार्य वाले महाविद्यालयों में केंद्राध्यक्ष की नियुक्ति की गई है लेकिन परीक्षा से कुछ घंटे पहले ही यह सूची केंद्राध्यक्षों की जानकारी में आई है। हालांकि आनन-फानन लोग अपने संबंधित महाविद्यालयों में पहुंचे। इसके अलावा विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर केंद्राध्यक्ष की सूची में बहुत से परीक्षाकेंद्रों के केंद्राध्यक्षकों के नाम ही नहीं अंकित है। साथ ही इनके मोबाइल नंबर को भी नहीं लिखा गया है। कुछ कॉलम बिना केंद्राध्यक्ष व मोबाइल नंबर के रिक्त छोड़ दिए गए है। किसी परिस्थितियों में शासन व सचल दल को आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय की वेबसाइट से केंद्राध्यक्ष की जानकारी व मोबाइल नंबर नहीं मिल सकता है। इसके अलावा अंबेडकरनगर के एक महाविद्यालय में केंद्राध्यक्ष को लेकर भी काफी चर्चा है। अपने भाई के महाविद्यालय में ही एक प्राचार्य को केंद्राध्यक्ष का जिम्मा सौंप दिया गया है।
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