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न बाथरूम में आता पानी, न शुद्ध पेयजल का इंतजाम

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छात्रों को नहीं मिलता शुद्ध पेयजल
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय का लवकुश छात्रावास दुर्दशा का दंश झेल रहा है। यहां इंजीनियरिंग के छात्र रहते हैं, मगर मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं। छह माह से आरो (शुद्ध पेयजल की मशीन) बंद पड़ा हुआ है। छात्रों को नहाने के लिए बाथरूम में पानी नहीं मिल रहा है। छत पर स्थित मेन टंकी में छात्रों ने जुगाड़ प्रक्रिया से स्वयं पाइप लगा दिया है। यहीं पर सारे छात्र बारी-बारी से स्नान करते हैं। इंजीनियरिंग के छात्र होने के बाद भी यहां वाईफाई सुविधा 15 दिनों से ठप है।
अवध विश्वविद्यालय के लवकुश छात्रावास का निर्माण वर्ष 1999 में कार्यदायी संस्था जल निगम ने कराया था। इसी वर्ष तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह गौर ने छात्रावास का उद्घाटन किया। यह छात्रावास विशेष रूप से इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए अलॉट किया गया है। मौजूदा समय में यहां 15 कमरे हैं, इनमें 35 से अधिक छात्र रह रहे हैं। सफाई व्यवस्था की हालत बहुत बेहतर नहीं है। दूसरी मंजिल पर निर्माण के चलते जगह-जगह पर गंदगी है। छात्रावास की सबसे बड़ी समस्या पीने के लिए स्वच्छ पानी की किल्लत है। आरो मशीन छह माह से खराब है। साथ ही छात्रावास में लगा एकमात्र हैंडपाइप भी बंद पड़ा है। वाटरकूलर मशीन का पानी ठंडा नहीं हो रहा है। बाथरूम के भी बेसिन में पानी नहीं आ रहा है। नहाने के बाथरूमों में लगा शॉवर भी निकलवा लिया गया है। तमाम समस्याओं को लेकर छात्रों में काफी रोष है।
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वाई फाई खराब होने से पढ़ाई बाधित
छात्रावास में रहने वाले इंजीनियरिंग के छात्र अमित कुमार का कहना है कि अध्ययन के दौरान संबंधित विषयों में आने वाली दिक्कतों को नेट पर सर्च कर समाधान ढूंढ लेते थे लेकिन 15 दिनों से वाईफाई बंद होने से ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।

बाहर से ला रहे पीने का पानी
बीटेक तृतीय सेमेस्टर के छात्र आशीष का कहना है कि पीने के लिए स्वच्छ पानी छात्रावास में नहीं मिल पा रहा है। आरो के बंद होने के कारण पीने का पानी बाहर से लाना पड़ रहा है। कई बार वार्डन से शिकायत के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

बाथरूम के पास करंट लगने का खतरा
छात्र सर्मेश कुमार का कहना है कि हॉस्टल में बाथरूम के पास लगा लाइट का मैन स्वीच बोर्ड खुला पड़ा है। इससे खतरा काफी है, बाथरूम से बाहर निकलते हैं तो भीगे होते हैं जिससे हादसे का डर रहता है।

बाथरूम का शॉवर तक खोल ले गए
छात्र बृजेश सिंह का कहना है कि बाथरूम में नहाने की सुविधा के लिए पहले शॉवर लगा था जो छात्रावास प्रबंध के लोग निकाल ले गए हैं। अब हम लोग सीधे छत पर लगे टंकी में एक पाइप निकाल कर वहीं स्नान कर रहे हैं।
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छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना गया है। सभी बातें जानकारी में हैं। सेमेस्टर की समाप्ति के बाद काम शुरू कराया जाएगा। इस बार जब जून माह में हॉस्टल बंद होगा तो हॉस्टल खुलने तक समस्त समस्याओं को हल करा दिया जाएगा।- डॉ. हिमांशु सिंह, वार्डन, अवध विश्वविद्यालय वॉयज हॉस्टल
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