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‘हनुमान द्वारा पुल का निर्माण’ प्रसंग रहा आकर्षण का केंद्र

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‘हनुमान द्वारा पुल का निर्माण’ प्रसंग रहा आकर्षण का केंद्र
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अयोध्या। भारतीय सांस्कृतिक संबद्ध परिषद नई दिल्ली एवं अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग उप्र, अयोध्या-फैजाबाद के संयुक्त तत्वाधान में ‘आशियान देशों का रामायण महोत्सव’ के द्वितीय एवं अंतिम दिवस बृहस्पतिवार को तुलसी स्मारक भवन के प्रेक्षागृह में इंडोनेशिया के सात कलाकारों द्वारा ‘लेगांग जोबांग डांस, सीता मास्क डांस’ तथा कम्बोडिया के ‘कम्बोडियन आर्टिस्ट डांस ग्रुप, कम्बोडिया’ के आठ कलाकारों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय रामलीला का मंचन में ‘सीता की मदद के लिये हनुमान द्वारा पुल का निर्माण’ प्रसंग की प्रस्तुति कंबोडियन भाषा में की गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद लल्लू सिंह द्वारा किया गया।
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प्रस्तुति के प्रथम चरण में इंडोनेशिया ग्रुप के कलाकार ‘बुलांत्रिशना जेलान्टिक ने सीता, एड्रियाना वाल्लिस ने राम, नायोमन ट्राइआनावती ने सुबाली, पुत्री मिनांगश्री ने सुग्रीव, नुर्लिआ ने तारा, सीसिलिया ने लक्ष्मण तथा रेनी ने रावण’ का अभिनय किया। द्वितीय चरण में कम्बोडियन ग्रुप के कलाकार ‘दक साइथा ने रावण, माओ वियुथि ने हनुमान, चान पल्ला ने सीता, पुमथिआरा छेन्दा, कोन्ग लाइदिमोंग तथा सेक रोथा ने स्वर्ण मछली, चाप सिदानेल तथा खियेव सोवान्नारिथ ने हनुमान’ का किरदार निभाया। जिसमें ‘सीता की मदद के लिये पुल का निर्माण’ प्रसंग की प्रस्तुति सराहनीय रही। हनुमान द्वारा स्वर्ण मच्छा से प्रणय निवेदन के उपरांत बन्दरों की सेना की मदद से तटबंध बनाने की प्रस्तुति की गई। शोभा गुप्ता ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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