अवैध खनन, ओवर लोडिंग व भू-माफिया के खिलाफ चलाएं अभियान
फैजाबाद। जिला अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने अवैध खनन, ओवर लोडिंग परिवहन और भू-माफिया के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में डीएम ने खनन, परिवहन, पुलिस, तहसील प्रशासन समेत अन्य अधिकारियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि जिस क्षेत्र में अवैध खनन, अवैध कब्जे के मामले संज्ञान में आएंगे उस तहसील में गठित टास्क फोर्स के सभी सदस्य सीधे जिम्मेदार हाेंगे। शासन में उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
उन्होंने पीडब्लूडी, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को कड़े निर्देश दिए। कहा कि अपने-अपने सरकारी संपत्तियों पर हुये कब्जों को मुक्त कराएं। सिंचाई विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग के भूमि पर अवैध कब्जे एवं तालाब, पोखर, खलिहान, चकरोड तथा नजूल की भूमि पर से अवैध कब्जे को तत्काल हटाने तथा एफआईआर दर्ज करने के निर्देश संबंधित अफसरों को दिया। कहा कि नगर निगम सर्वे कराकर देख लें कि कितने सरकारी भूमि/नालों पर अवैध कब्जे हैं, अगर हैं तो उसे तत्काल कब्जे से मुक्त कराएं। कहा कि अवैध कब्जे धारकों से यदि आठ या दस अवैध कब्जे हो तो उन्हें ही एंटी-भूमाफिया की श्रेणी में रखते हुए उन पर कार्रवाई करें। शासन की यह मंशा है कि चाहे वह सार्वजनिक भूमि/संपत्ति हो या किसी की अपनी जमीन/संपत्ति पर अगर कोई जबरदस्ती कब्जा कर लेता है या बेच देता है तो वह भू-माफिया के श्रेणी में आते हैं। ऐसे अवैध कब्जा धारकों को चिह्नित करते हुये उनके प्रति कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवीश गुप्त, एडीएम वित्त एवं राजस्व मदन चंद दुबे, एडीएम नगर विंध्यवासिनी राय समेत अन्य विभागों के अफसर मौजूद थे।
शिकायती प्रार्थनापत्रों को शीघ्र निस्तारित कराएं
फैजाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार पाठक ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष जनसुनवाई की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों से कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारित कराएं। कहा कि जन जनसुनवाई पोर्टल पर पड़ी लंबित शिकायतों की समीक्षा उच्च स्तर पर होती है। प्रतिदिन उसकी समीक्षा स्वयं करें और पोर्टल पर प्राप्त शिकायती प्रार्थनापत्रों यथाशीघ्र निस्तारित कराएं। इसमें किसी प्रकार की हीलाहवाली न करें। कहा कि पिछले सप्ताह के अपेक्षा इस सप्ताह डिफाल्टर की श्रेणी में आने वालों की संख्या बड़ी है। इससे पता चलता है कि शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली बरती जा रही है जो आपत्तिजनक है।