फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिस्टम दुरुस्त होता तो और बढ़ता मतदान

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। ईवीएम ने कई बूथों पर दगा दिया, इससे घंटों वोटिंग थमी रही। कहीं-कहीं ईवीएम व वीवीपैट खराब होने से मतदाताओं को वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन



मतदान की शुरुआत में ही कई जगहों पर ईवीएम में खराबी के कारण बूथों पर मतदान देर से शुरू हुआ। यह स्थिति शहर से लेकर देहात तक रही।


मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण में ईवीएम पर प्रशासन का खास जोर रहा लेकिन ऐन वक्त पर जिले के सैकड़ों बूथों पर मशीनें खराब होने से मतदान देर से शुरू हुए।


बीकापुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत गंडई के प्राथमिक विद्यालय पूरे लाला में बूथ संख्या-408 में ईवीएम खराब होने से करीब सवा घंटे देरी से सुबह 8 बजे के बाद मतदान शुरू हुआ।
विज्ञापन



पहली मशीन खराब होने के बाद दूसरी मशीन आई वह भी खराब निकली। रुदौली के संडवा गांव में वीवीपैट मशीन खराब होने से बूथ नंबर-65 पर सुबह 8 बजे मतदान रुक गया।


एक घंटे मतदान बाधित रहा। पूरा बाजार विकासखंड के ग्रामसभा देवगढ़ के धारूपुर बूथ संख्या 389 पर सुबह ईवीएम खराब होने से करीब 8:40 पर मतदान शुरू हुआ।


अयोध्या के लक्ष्मण बाल विद्या मंदिर मतदान केंद्र के भाग संख्या 165 में वीवीपैट मशीन खराब होने से मतदान दो घंटे देरी से करीब 9 बजे शुरू हुआ।


मिल्कीपुर के आदिलपुर के 393 बूथ पर आधा घंटे, पलिया लोहानी बूथ नंबर 239 पर 20 मिनट, सिधौना पोलिंग स्टेशन के बूथ नंबर 186 पर करीब सवा घंटे, अमानीगंज के घटौली पोंटिंग स्टेशन पर 15 मिनट, अयोध्या विधानसभा के प्राथमिक विद्यालय सरेठी पर 20 मिनट देरी से मतदान शुरू हुआ।


हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के पोलिंग स्टेशन सेमरा के बूथ संख्या 419 पर ईवीएम में खराबी के चलते डेढ़ घंटे लेट, मिल्कीपुर विधानसभा के अस्थना पोलिंग स्टेशन की बूथ नंबर 275 पर दो घंटे देरी से मतदान शुरू हुआ।


मिल्कीपुर के पोलिंग बूथ प्राथमिक विद्यालय पारा खानी में ईवीएम के खराब होने से करीब एक घंटे, मवई ब्लॉक के संडवा गांव के बूथ नंबर 65 वीवीपैट खराब होने से दो घंटे मतदान बाधित रहा।


कंट्रोल रूम में जूझते रहे अफसर
कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम में बैठे आला अधिकारी जीपीएस के जरिए पोलिंग स्टेशनों की व्यवस्था में तैनात जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों पर निगरानी रख रहे थे।
विज्ञापन



जैसे-जैसे ईवीएम के खराब होने की शिकायतें बढ़ रही थीं, डीएम झुल्लाते दिखे। सिस्टम की खराबी मीडिया तक न पहुंचे, इसलिए कंट्रोल रूम में पत्रकारों को आने से रोक दिया गया।


मामले तेजी से बढ़ते रहे। कई जोनल अफसर पीठासीन अधिकारी पर आरोप लगाते दिखे कि बगैर वीवीपैट को कनेक्ट किए ही ईवीएम से वोट दिलवाने की गलती हो रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें