बीएससी गणित में नकल कराने के लिए प्राचार्य ने लिए पैसे
फैजाबाद। अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रतापगढ़ के सुरेश चंद्र मिश्रा महाविद्यालय में परीक्षा में नकल कराने के लिए वसूली कर रहे प्राचार्य का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। वीडियो में कॉलेज के प्राचार्य और कार्यालय सहायक खुलेआम छात्रों से पैसे लेने के बाद उन्हें उत्तर पुस्तिकाएं दे रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्राचार्य व कार्यालय सहायक के खिलाफ केस दर्ज कराकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही कॉलेज पर कार्रवाई के लिए परीक्षा समिति को मामला संदर्भित किया गया है।
अवध विश्वविद्यालय की परीक्षाएं यूनिवर्सिटी समेत फैजाबाद व अन्य जिलों के संबद्ध कॉलेज में चल रही हैं। 23 अप्रैल को सुबह की पाली में बीएससी तृतीय वर्ष की गणित की परीक्षा थी। विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रतापगढ़ के सुरेश चंद्र मिश्रा महाविद्यालय में भी परीक्षा शुरू होने वाली थी। परीक्षा हॉल के बाहर प्राचार्य संगम लाल मिश्रा और कार्यालय सहायक फैजान अहमद बैठे थे। जो परीक्षार्थियों से पैसे लेकर उन्हें उत्तर पुस्तिकाएं दे रहे थे। जो छात्र पैसा न लाने की बात कह रहे थे, उन्हें डांटते हुए दूसरी परीक्षा में पैसे लाने की सख्त हिदायत प्राचार्य दे रहे थे। वे कह रहे थे कि पैसे नहीं दिए तो मुश्किल हो जाएगा।
प्राचार्य और सहायक के इस कारनामे को किसी ने अपने मोबाइल में वीडियो बनाकर कैद कर लिया और राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद भेज दिया। चूंकि, बीएसएसी सेकंड ईयर से स्नातकोत्तर तक की परीक्षाएं अवध यूनिवर्सिटी के ही अधीन चल रही हैं, इसलिए राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद ने मामला अवध विश्वविद्यालय को ट्रांसफर कर दिया। इससे अवध विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया।
मामले में परीक्षा नियंत्रक डॉ. एसएल पाल ने बताया कि 27 अप्रैल को वायरल वीडियो की जांच की गई तो मामला सच मिला। इसके बाद सामूहिक नकल के आरोप में 23 अप्रैल की परीक्षा रद्द कर दी गई है। मामले में 29 अप्रैल को सुरेश चंद्र मिश्रा महाविद्यालय प्रतापगढ़ प्राचार्य संगम लाल मिश्रा और कार्यालय सहायक फैजान अहमद के खिलाफ कोतवाली प्रतापगढ़ में केस दर्ज कराया गया है। रद्द की गई परीक्षा फिर कराने के लिए नई तिथि निर्धारित की जाएगी। वहीं, इस सेंटर को आगे की अन्य परीक्षाओं के लिए भी रद्द कर दिया गया है। अब सारी परीक्षाएं एमडी पीजी कॉलेज प्रतापगढ़ में कराई जा रही हैं।
पूरा मामला परीक्षा समिति को सौंप दिया गया है। समिति की बैठक में कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। यह कॉलेज अब राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद के अधीन है, इसलिए कॉलेज की मान्यता प्रत्याहरण आदि कार्रवाई के लिए राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद को मामला रेफर किया जा रहा है।- मनोज दीक्षित, कुलपति, अवध विश्वविद्यालय