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श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनाने की अलख जगा रही रथयात्रा

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श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनाने की अलख जगा रही रथयात्रा
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मसौधा (फैजाबाद)। श्रीरामजन्मभूमि पर रामराज्य की स्थापना और श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए लोगों में अलख जगाने के लिए निकली रामराज्य रथयात्रा अपने पड़ाव भरतकुंड से बुधवार को आगे बढ़ी। रथयात्रा बदलापुर-जौनपुर होते हुए वाराणसी में विश्राम करेगी। जहां से गुरुवार को गोपीगंज व हंडिया होते हुए प्रयाग पहुंचेगी। प्रयाग के बाद अगला विश्राम चित्रकूट में शुक्रवार को होगा। इसी तरह कुल छह हजार किमी तक कई प्रांतों से होकर रथयात्रा 24 को तिरूवनंतपुरम में रामराज्य महासम्मेलन व 25 मार्च को श्रीरामपट्टाभिषेक, श्रीरामदास आश्रम, चेन्कोट्टुकोनम में समाप्त होगी।
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यात्रा के दौरान तमाम संत-धर्माचार्य लोगों को भगवान राम की महिमा सुनाते हुए अयोध्या के विवादित परिसर में भव्य राममंदिर बनाने का संकल्प दिला रहे हैं। राम मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर मंगलवार को अयोध्या से रामेश्वरम को निकली रामराज्य रथ यात्रा का भरतकुंड पर स्वागत हुआ। जय श्रीराम के गगनभेदी नारे लगाते हुए यात्रा में शामिल लोगों ने प्राचीन श्रीराम जानकी मंदिर की परिक्रमा कर परिसर में मंगलवार रात विश्राम किया। बुधवार सुबह करीब 9 बजे यात्रा सुल्तानपुर, बदलापुर, जौनपुर होते हुए वाराणसी के लिए रवाना हुई। यात्रा के संयोजक शांतानंद महर्षि ने कहा कि राम मंदिर मॉडल के अनुरूप बनाई गई रामराज्य रथयात्रा का स्वरूप हिंदू जन भावनाओं में धार्मिक प्रेरणा को जागृत करेगा। कहा कि लोगों को चाहिए कि वह राम मंदिर मॉडल रथयात्रा को आकर्षण का केंद्र मानकर संकल्प लें कि इस देश में रामराज्य की स्थापना और आयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। राम जानकी मंदिर के पुजारी रामदास ने कहा कि यह रथयात्रा देश में रामराज्य की स्थापना करेगी। अयोध्या में राममंदिर निर्माण के उद्देश्य को लेकर अयोध्या से रामेश्वरम को जा रही रामराज्य रथयात्रा राममंदिर निर्माण का शुभ संकेत है। इससे जहां आमजन में भक्ति भावना का संचार होगा, वहीं राममंदिर निर्माण का एक संकल्प हिंदू जनभावनाओं में प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इसी कड़ी में दशरथ महल अयोध्या के कृपालु जी महाराज ने बुधवार सुबह आरती व पूजन के साथ सुबह प्रसाद व भंडारा का आयोजन किया। इस मौके पर श्रीराम भरत मिलाप मंदिर के पुजारी हनुमान दास, महंत राजेंद्र दास, कपिल देव दूबे, अवध प्रांत प्रभारी डॉ. अनिल कुमार सिंह, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सह संयोजक बबलू मिश्रा, प्रवेश पांडेय, डॉ. अनुराग द्विवेदी, प्रधान राजकुमार पांडेय समेत स्थानीय लोगों ने रवाना होने से पूर्व रामराज्य रथ यात्रा पर पुष्प की वर्षा कर विदाई दी।
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इंसेट :
इन रास्तों से गुजरेगी रामराज्य रथयात्रा
13 फ रवरी को अयोध्या से शुरू होकर, फैजाबाद होते हुए भरतकुंड नंदीग्राम।
14 फरवरी को नंदीग्राम से बदलापुर, जौनपुर होते हुए वाराणसी।
15 फरवरी को वाराणसी से गोपीगंज, हंडिया, सैदाबाद होते हुए प्रयाग।
16 फरवरी को प्रयाग से मन्जनपुर, राजपुर होते हुए चित्रकूट।
17 फरवरी को चित्रकूट से भरतकूप, बांधा, महोबा होते हुए छतरपुर।
18 फरवरी को छतरपुर से बड़ा मलेहरा होते हुए सागर।
19 फरवरी को सागर से विदिशा होते हुए भोपाल।
20 फरवरी को भोपाल से सोंकटेच देवास होते हुए उज्जैन।
21 फरवरी को उज्जैन से सनवर होते हुए इंदौर।
22 फरवरी को इंदौर से बलवारा, बर्वाहा होते हुए ओंकारेश्वर।
23 फरवरी को ओंकारेश्वर से संवाद, बुएहानपुर होते हुए इच्छापुर।
24 फरवरी को इच्छापुर से शेगाव होते हुए चिकली।
25 फरवरी को चिकली से जालना होते हुए औरंगाबाद।
26 फरवरी को औरंगाबाद से शिरडी, नासिक होते हुए त्रयंबकेश्वर।
27 फरवरी को त्रयबंकेश्वर से कल्याण, उल्हासनगर होते हुए रामगिरि।
28 फरवरी को रामगिरि में सम्मेलन।
01 मार्च को रामगिरि से देहु, आलंदी होते हुए नारायणपुर।
02 मार्च को नारायणपुर से सातारात पुसेगांव होते हुए गाेंदवले।
03 मार्च को गोंदवले से महसवड होते हुए पंढरपुर।
04 मार्च को पंढरपुर से मंगलवाडा, जल्की होते हुए बीजापुर।
05 मार्च को बीजापुर से बागलकोट होते हुए कोप्पल।
06 मार्च को कोप्पल से गंगावति होते हुए किष्किंधा।
07 मार्च को किष्किंधा से बल्लारी होते हुए चित्रदुर्गा।
08 मार्च को चित्रदुर्गा से तुमकुरू होते हुए बंग्लूरू।
9 मार्च को बंग्लूरू में ही रहेगी।
10 मार्च को बंग्लूरू से मांडिया होते हुए मैसूर।
11 मार्च को मैसूर से नंजनगुढ़ बत्तेरी होते हुए मीनंगाडि।
12 मार्च को मीनंगाडि से इरिट्टी, तिलप्परंबा होते हुए कन्नूर।
13 मार्च को कन्नूर से वटकरा होते हुए कोझिकोड।
14 मार्च को कोझिकोड से मलप्पुरम होते हुए मेलाट्टूर।
15 मार्च को मेलाट्टूर से कन्नार्काटू होते हुए पालक्कडु।
16 मार्च को पालक्कडु से त्रिशूर होते हुए एरनाकुलम।
17 मार्च को एरनाकुलम से तोडुपुषा होते हुए कोट्टयम।
18 मार्च को कोट्टयम से चन्गनाशेरी, तिरूवल्ला होते हुए पत्तनंतिट्टा।
19 मार्च को पत्तनंतिट्टा से मावेलिक्करा होते हुए पुनलुर।
20 मार्च को पुनलुर से राजपालयम होते हुए मधुरै।
21 मार्च को मधुरै से रामनाथापुरम होते हुए रामेश्वरम।
22 मार्च को रामेश्वरम से तिरूनेलवेली होते हुए कन्याकुमारी।
23 मार्च को कन्याकुमारी से नागरकोयिल होते हुए तिरूवनंतपुरम।
24 मार्च को तिरूवनंतपुरम में रामराज्य महासम्मेलन।
25 मार्च को श्रीरामपट्टाभिषेक, श्रीरामदास आश्रम, चेन्कोट्टुकोनम।
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