मवई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवई में सोमवार को नसबंदी के बाद महिलाओं को बेसहारा छोड़ दिया गया। वे अस्पताल में फर्श पर तड़पती रहीं।
डॉक्टरों ने महिलाओं के घर जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की। महिलाओं के साथ आए तीमारदार एंबुलेंस का घंटों इंतजार करने के बाद वाहन की व्यवस्था कर चले गए।
मवई ब्लॉक क्षेत्र की सीएचसी मवई में सोमवार को नसबंदी कैंप था। जिले से आई टीम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय और चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना वर्मा की देखरेख में 18 महिलाओं की नसबंदी की। टीम करीब पांच बजे चली गई।
इसके बाद सभी जिम्मेदार भी सीएचसी से महिलाओं को उसी हालत में छोड़कर चले गए। महिलाओं को घर भेजने का कोई प्रबंध नहीं था। कुछ परिवारीजन अपनी व्यवस्था कर महिलाओं को लेकर चले गए। नेवरा गांव की संगीता सहित चार महिलाएं शाम तक अस्पताल में फर्श पर तड़पती रहीं।
इनके परिवारीजन भी बैठे थे। घर जाने की व्यवस्था किए बिना ही जिम्मेदार चले गए। तीमारदारों का कहना है कि घर जाने के लिए कोई वाहन का इंतजाम नहीं किया गया। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि जानकारी कर रहे हैं। मामले की जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।