अयोध्या। नौ दिवसीय श्रीरामनाम महायज्ञ व रामकथा में बड़ी संख्या में शामिल होने विभिन्न देशों कनाडा, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी आदि से लगभग 150 अप्रवासी भारतीय अयोध्या पहुंचे हैं।
विश्वशांति आश्रम अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथाव्यास आचार्य लक्ष्मण दास के संयोजन में संचालित नौ दिवसीय श्रीरामनाम महायज्ञ व रामकथा में अप्रवासी भारतीय शामिल होकर पूजन अर्चन कर रहे हैं। अप्रवासीय भारतीय परिवार के साथ सुबह से रात तक रामनाम से ओतप्रोत हैं।
कोई आस्ट्रेलिया में रियल स्टेट में कारोबार में शिखर पर है तो कोई इंश्योरेंस कंपनी का मुखिया है। कोई न्यूजीलैंड से आकर यहां की आभा में खो गया है। एक रिटायर पायलट व नर्स तो यहां विवाह बंधन में बंधने वाले हैं। ये लोग अपने देश में हिन्दुस्तानियों को भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक करने की बात करते हैं।
आश्रम में विगत 27 अक्टूबर से ही रामकथा व श्रीरामनाम महायज्ञ संचालित हो रहा है। रात आठ बजे रामलीला मंचन भी भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। महंत लक्ष्मण दास के श्रीमुख से प्रतिदिन सुबह 10 से एक बजे तक रामकथा की सुधावृष्टि की जा रही है। विभिन्न देशों से आए अप्रवासी भारतीय रामनगरी की धार्मिकता में निमग्न हो चुके हैं।
51 कुंडीय रामनाम महायज्ञ में पड़ रहीं सवा लाख आहुतियां
आचार्य लक्ष्मण दास के संयोजन में संचालित श्रीरामनाम महायज्ञ व रामकथा महोत्सव का आयोजन भव्यता की बानगी बना हुआ है।
बड़ी संख्या में अप्रवासी भारतीयों के अलावा अन्य श्रद्धालु भक्त इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर जीवन कृतार्थ कर रहे हैं। आचार्य लक्ष्मण दास ने बताया कि 51 कुंडीय रामनाम महायज्ञ में प्रतिदिन सवा लाख आहुतियां डाली जा रही हैं।
नौ दिवसीय महायज्ञ में 11 लाख आहुतियां डाली जानी है। वेद प्रचार परिषद के निदेशक आचार्य शिवशंकर बाजपेई के निर्देशन में आयोजित रामनाम महायज्ञ में विभिन्न मंत्रों से आहुतियां डाली जा रही है।