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सरयू की लहरों से कट रहे दर्जनों घर, मचा हाहाकार

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बंधे की सुरक्षा को फेंकी जा रही बोल्डर व बालू भरी बोरियां
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फैजाबाद। लाल निशान से ऊपर बह रही सरयू/घाघरा नदी अब घटाव के साथ तटवर्ती इलाकों में तेजी से कटान कर रही है। इससे बाढ़ की चपेट में आए गांवों में हाहाकार मचा हुआ है। रुदौली के कैथी माझा गांव के सैकड़ों लोग घर छोड़ गोंडा में शरण लिये हैं।

वहीं पूरा बाजार के बाढ़ प्रभावित गांवों में कटान से कई घर नदी में समाने की ओर हैं। हालांकि नदी मंगलवार के मुकाबले बुधवार को पांच सेंमी घटकर लाल निशान से 33 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं नदी की धारा रौनाही बंधे और बिल्वहरि बंधे से बार-बार टकरा रही है।
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बाढ़ खंड के एक्सईएन जीपी यादव का कहना है कि बंधे की सुरक्षा के लिए बोल्डर व बालू से भरी बोरियां फेंकी जा रही है। सरयू में उफान के कारण जिले के करीब 22 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और हजारों हेक्टेअर फसलें जलमग्न हैं।

तमाम लोगों के घरों व स्कूलों में पानी पहुंच चुका है। इससे बच्चों के अलावा पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का संकट बना हुआ है। बाढ़ की विकरालता को देखते हुए ग्रामीण जरूरी सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।

ग्रामीण सावित्री देवी, जगराम व सुकई आदि ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की ओर से नावों की व्यवस्था अभी नहीं हो सकी है। पूरा बाजार के सलेमपुर, गैलेट पिपरी, मूड़ाडीहा, माझा मड़ना व माझा रामपुरवारी गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

यहां के ललई यादव का कहना है कि नावों का इंतजाम नहीं हो पाने से घरों की सुरक्षा करने में बड़ी परेशानी हो रही है। वहीं पशुओं के चारे का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमसी द्विवेदी का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राजस्व विभाग केे कर्मियों व संबंधित विभागों को भेजा गया है और रिपोर्ट मांगी जा रही है।
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केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार को शारदा बैराज से 1,46,172 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 1,11, 207 क्यूसेक व बनबसा से 71,002 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से उत्तर क्षेत्र की नदियां उफान पर हैं। सरयू का जलस्तर बुधवार सुबह से लाल निशान से 33 सेंमी ऊपर यानी 93.06 मीटर पर स्थिर बना है।
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