जिले को पौधरोपण के लिए नहीं मिली राशि
एक जुलाई से वन महोत्सव, पौधों की उपलब्धता हवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। पौधरोपण को लेकर जिले पांचों रेंजों को फूटी कौड़ी नहीं मिली है। लिहाजा गड्ढे कितने खोदे हैं कितने नहीं खोदे हैं। लक्ष्य के लिए और खोदे जाने हैं। किन-किन रेंजों में कितने गड्ढे तैयार हो गये हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट विभाग को नहीं मिल सकी है। वन अधिकारियों का कहना है कि पौधरोपण के लिए डिमांड प्रस्ताव भेजे गए हैं। लेकिन यहां यक्ष प्रश्न है कि इन हालातों में पौधरोपण लक्ष्य कैसे पूरा पायेगा?
सरकारी नर्सरियों में पौधों की क्या स्थितियां हैं। किन-किन पौधों की क्या श्रेणी हैं और कितनी लंबाई के हैं? पौधरोपण के लिये उपयुक्त बताए जाने वाले आठ से 12 फुट के विभाग के पास कितने पौधे हैं। इन सब पौधों और गड्ढों के मामलों को लेकर विभाग पूरी तरह से उलझा हुआ है। यह हाल तब है, जब वन महोत्सव एक जुलाई से अभियान चलाकर पौधरोपण करना है। इसमें अब महज चार-पांच दिन बचे हैं। विभाग को गैर जिलों से कितने पौधों की आपूर्ति करना होगा? यह भी अभी तय नहीं हो सका है। प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. रवि सिंह का कहना है कि रेंजों की रिपोर्ट आने के बाद कुछ बता सकेंगे, फिलहाल महोत्सव की तैयारी के लिये सभी रेंजों को निर्देश जा रहे हैं। खास है कि जिले के पांच रेंजों वाले इस वन प्रभाग में अभी पौधरोपण के लिए कोई पैसा नहीं मिल सका है। वन अधिकारियों का कहना है कि पौधरोपण के लिए डिमांड प्रस्ताव भेजे गए हैं। उधर, दैनिक कर्मियों ने महीनों से पैसों के नहीं मिलने की शिकायत की हैं। उन्होंने होने वाले पौधरोपण से हाथ खड़े करने की चेतावनी दे रहे हैं।
इन्हें भी जिम्मा, मगर तैयारी नहीं..
कई विभागों को भी पौधरोपण के लिए जिम्मा सौंपा गया है। शासन की ओर से पावर कार्पोरेशन, सहकारिता, ग्राम्य विकास विभाग, पंचायत विभाग, भूमि संरक्षण अधिकारी, आरईएस, पीडब्ल्यूडी एवं सिंचाई विभाग को पौधरोपण लक्ष्य व भूमि तय किये गए हैं। बताया जा रहा है कि सामान्य पौधरोपण एक हेक्टेअर में करीब 1100 पौधे किए जाते हैं। लेकिन इन विभागों की ओर से कोई तैयारी नहीं हो सकी है। कोई भूमि नहीं होने का रोना रो रहा है तो कोई बजट के अभाव का। सिर्फ ग्राम्य विकास अधिकारियों का कहना है कि पौधरोपण के लिए बीडीओ को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं नोडल वन विभाग के अफसरों का कहना है कि पौधरोपण की समीक्षा 25 सितंबर को होगी।