1.05 किमी. मोदहा ओवरब्रिज की डीपीआर तैयार
फैजाबाद। शहर के मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने की कवायद तेजी से चल रही है। सेतु निर्माण निगम की ओर से डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर शासन को भेज दी गई है।
वाईशेप में बनने वाले 1.05 किमी. ओवरब्रिज बनाने की अनुमानित लागत 81.80 करोड़ रुपये है। ओवरब्रिज कौशलपुरी कॉलोनी चौराहे के ठीक सामने से शुरू होगा। इसका एक सिरा परिक्रमा मार्ग और दूसरा सिरा रोडवेज की तरफ उतरेगा।
बीच में आने वाली रेलवे की तीन हजार स्क्वायर भूमि शासन को स्थानांतरित होगी लेकिन यह प्रक्रिया शासन की स्वीकृति के बाद ही संभव हो पाएगी। इसके बाद ही बजट आवंटन व निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी।
शहर के मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाए जाने मांग कई वर्षों से शहरवासियों की ओर से की जा रही है। मौजूदा समय में अयोध्या नगर निगम की आठ रेलवे क्रॉसिंग में से सिर्फ दो रेलवे क्रॉसिंग पर ही ओवरब्रिज बन पाया है।
बाकी अन्य छह रेलवे क्रॉसिंग फतेहगंज, मोदहा, लालबाग, बेनीगंज, रानोपाली व रायगंज क्रॉसिंगों पर पर्याप्त जगह न होने के कारण ओवर ब्रिज का निर्माण नहीं हो पाया है।
इसमें सेतु निगम की ओर से पूर्व में निरीक्षण के कर सभी छह क्रॉसिंगों पर ओवर ब्रिज के निर्माण संभव न हो रिपोर्ट दी गई थी लेकिन मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर परिक्रमा मार्ग होने के कारण नए विकल्प की तलाश की गई है।
इसमें सेतु निर्माण निगम की ओर से वाई शेप में ओवर ब्रिज बनाने का 81.80 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। इसमें 13.55 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे अपना ब्रिज निर्मित करेगा।
ओवर ब्रिज कौशलपुरी कॉलोनी चौराहे के सामने से शुरू होकर कचहरी व परिक्रमा मार्ग पर अलग-अलग उतरेगा। ब्रिज की कुल लंबाई 1.05 किमी. निर्धारित की गई है।
घोसियाना साइट पर ओवर ब्रिज 400 मीटर, परिक्रमा साइट पर 350 मीटर व कचहरी मार्ग पर 400 मीटर होगा। इसमें लगभग तीन हजार स्क्वायर मीटर भूमि रेलवे की आएगी।
यह भूमि शासन को स्थानांतरित होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। डीपीआर शासन को भेज दी गई है। शासन की स्वीकृति के बाद भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया परवान चढ़ सकेगी।
मौजूदा समय में शहर जाम की समस्या से कराह रहा है। खासतौर पर शहर के बाहर से आने वाले लोग जाम की जद में हैं। गोरखपुर, सुल्तानपुर व रायबरेली मार्ग से आने वाले यात्री इसका सर्वाधिक दंश झेल रहे हैं।
यात्रियों को फतेहगंज, नाका व लालबाग पर लगने वाला जाम घंटों रुलाता है। मोदहा ओवर ब्रिज बनने के बाद यह समस्या कुछ हद तक कम होने के आसार हैं। शहर में बाहर से आने वाले लोग सीधे कौशलपुरी कॉलोनी व घोसियाना होते हुए सिविल व शहर में इंट्री कर सकेंगे।
इससे सीधे तौर पर शहर हाईवे से जुड़ जाएगा। दूसरी ओर कौशलपुरी, घोसियाना, पहाड़गंज समेत सिविल लाइन के इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही ओवर ब्रिज बनने से सबसे बड़ा फायदा परिक्रमार्थियों का होगा।
परिक्रमा के समय ट्रेन गुजरने का इंतजार श्रद्धालुओं को नहीं करना होगा। इससे प्रशासन की मुश्किलें हल हो जाएंगी। सेतु निर्माण निगम के डिप्टी पीएम डीके यादव ने बताया कि मोदहा ओवर ब्रिज का 81.80 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गयी है।
शासन की स्वीकृति के बाद ही रेलवे की भूमि का स्थानांतरण हो पाएगा। इसके बाद ही बजट आवंटन व निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।