दीपोत्सव से पहले पूरे करें विकास कार्र्य : पर्यटन मंत्री
अयोध्या। पर्यटन राज्यमंत्री रीता बहुगुणा जोशी रविवार को अयोध्या पहुंची और पर्यटन विकास की योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने सरयू घाट, राम की पैड़ी व तुलसी उद्यान में हो रहे पर्यटन विकास के कार्यों की प्रगति जानी।
कार्यदाई संस्था को विकास कार्यों को हर हाल में दीपोत्सव से पूर्व विकास कार्यों को पूर्ण करने की हिदायत दी। राम की पैड़ी में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने के बाद उन्होंने जांच के आदेश भी दिए।
अयोध्या में कराए जा रहे 133 करोड़ रुपये के पर्यटन विकास योजनाओं का रविवार को पर्यटन मंत्री ने निरीक्षण किया। पर्यटन मंत्री ने राम की पैड़ी के सुंदरीकरण कार्य का जायजा लिया, सरयू घाटों का भी निरीक्षण किया।
राम की पैड़ी पर निरीक्षण के दौरान पार्षद महेंद्र शुक्ल, अभिषेक सिंह, अजय मिश्र सहित अन्य लोगों ने नगर विधायक वेद गुप्ता के समक्ष निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाया तो विधायक ने पर्यटन मंत्री को समस्या से रू-ब-रू कराया गया।
इस पर पर्यटन मंत्री ने गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए। साथ ही कार्यदाई संस्था को मानकों के अनुरूप ही कार्य किए जाने का सख्त आदेश जारी किया। निरीक्षण के बाद कहा कि कार्यों की गति संतोषजनक है।
अधिकारियों ने बताया कि बरसात की वजह से कार्यों में बाधा आ रही है। दीपोत्सव से पूर्व अयोध्या सजी-संवरी नजर आएगी। बताया कि 30 अक्तूबर तक हर हाल में विकास कार्यों को पूर्णता प्रदान करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान विधायक वेद गुप्ता, गिरीश पांडेय, एडीएमसिटी विंध्यवासिनी राय, पर्यटन अधिकारी बीपी सिंह, परियोजना प्रबंधक राजकीय निर्माण निगम एसके तायल सहित अन्य मौजूद रहे।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस बार दीपोत्सव ऐतिहासिक एवं अयोध्या की गरिमा के अनुकूल होगा। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल का दिवाली महोत्सव भव्यता की नजीर बनेगा।
तीन दिवसीय दीपोत्सव कार्यक्रम में झांकी, लेजर शो, वाटर शो सहित विदेशों की रामलीला आकर्षण का केंद्र होगी। मुख्यमंत्री, राज्यपाल सहित देश-विदेश की हस्तियां समारोह में मौजूद होगी।
रामनगरी में स्थायी बस अड्डे की आस एक बार फिर धूमिल होती नजर आ रही है। संस्कृति विभाग की जमीन पर प्रस्तावित बस अड्डे का निर्माण अधर में लटक गया है। बाईपास के किनारे करीब पांच एकड़ भूमि बस अड्डे के लिए चिह्नित भी की जा चुकी है।
इसकी पैमाईश कराकर बाउंड्रीवाल भी कराई गई है। बावजूद इसके काश्तकारों ने काम रोक रखा है। कार्यदाई संस्था ने जमीन का कब्जा दिलाए बिना कार्य शुरू करने से मना कर दिया गया है।
कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक एसके तायल का कहना है कि जब तक जमीन की घेराबंदी सुनिश्चित नहीं की जाती तब तक काम शुरू करना संभव नहीं है।