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अयोध्या में रामजन्मोत्सव का उल्लास शिखर पर

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अयोध्या में रामजन्मोत्सव का उल्लास शिखर पर
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अयोध्या। अयोध्या में रामजन्मोत्सव का उल्लास शिखर पर पहुंच गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ से रामनगरी अयोध्या पट चुकी है। बधाई गान, सोहर से मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहे हैं। मठ-मंदिरों में रामजन्मोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। वहीं, भीड़ के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने मेला क्षेत्र में सुरक्षा सख्त कर दी है।
अयोध्या में रामजन्मोत्सव का पर्व दो दिन 25 एव 26 मार्च को मनाया जाएगा। बावजूद इसके शुक्रवार को ही रामनगरी के मंदिरों में जन्मोत्सव को लेकर आस्था का चरमोत्कर्ष दिखा। शाम होते ही मंदिरों के जगमोहन में गीत-संगीत की महफिलें सज रही हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोहर, बधाई गीतों पर थिरकते-झूूमते अपने आराध्य के जन्मोत्सव की पावन घड़ी का बेसब्री से इंतजार करते नजर आ रहे हैं। कनक भवन, श्रीरामबल्लभाकुंज, दशरथ महल, हनुमानगढ़ी, मणिरामदास की छावनी, हनुमानबाग समेत अन्य प्रमुख मंदिरों में चल रहे अनुष्ठान भक्तों के श्रद्धा का केंद्र बने हुए हैं। मठ-मंदिरों व धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं का जमावड़ा शुरू हो गया है। मुख्य मंदिर नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी में फिसलन से बचाव के लिए बालू का छिड़काव किया गया जा रहा है। वहीं रामनवमी का मुख्य पर्व नजदीक आने के साथ ही सतर्कता बढ़ा दी गई है। अफसरों ने भी मेला क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। स्नानघाट के साथ प्रमुख मठ-मंदिरों की निगरानी सीसीटीवी के जरिए की जा रही है। खुफिया टीमें शुक्रवार को संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी करती दिखी। प्रवेश मार्गों पर बैरियर गिरा दिए गए हैं, साथ ही मेला क्षेत्र में बड़े वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। डीएम डॉ. अनिल पाठक, एसएसपी सुभाष सिंह बघेल, एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय, एसपी सिटी अनिल सिंह स्वयं मेला व्यवस्था की मॉनीटिरिंग कर रहे हैं।
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अयोध्या में दो दिन मनेगी रामनवमी
रामनगरी में रामनवमी का पर्व इस बार दो दिन मनाया जाएगा। कुछ मंदिरों में 25 तो कुछ में 26 मार्च को रामनवमी मनाई जाएगी। अयोध्या के कनक भवन, हनुमानगढ़ी, दशरथ महल बड़ा स्थान, लाल साहब दरबार, लक्ष्मण किला, सियाराम किला, रंगमहल समेत अन्य मंदिरों में 25 मार्च को ही जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जबकि उदया तिथि को मानने वाले कुछ मंदिर मणिरामदास की छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज, जाकनीघाट बड़ा स्थान, पत्थर मंदिर सहित अन्य में 26 मार्च को रामजन्मोत्सव मनाया जाएगा।
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रामजन्मभूमि में 25 को मनेगा जन्मोत्सव
अयोध्या के अधिग्रहीत परिसर में विराजमान रामलला के दरबार में जन्मोत्सव 25 मार्च को ही मनाया जाएगा। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि यहां अन्य मंदिरों की भांति कोई उत्सव नहीं हो पाता, हालांकि पारंपरिक ढंग से एवं विधिविधान पूर्वक यहां भी भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। वे बताते हैं कि भगवान रामलला का पूजन अर्चन विधि विधान से सुबह 5 बजे प्रारंभ होता है। 7 बजे पूजन समाप्त होता है, आरती भोग के बाद मंदिर खुल जाता है और लोग दर्शन करते हैं। पूर्वाह्न 11 बजे मंदिर में भोग लगता है। भगवान की आरती करते है। जिसके बाद पट बंद हो जाता है। उसके बाद जब 12 बजने में 15 मिनट बाकी रह जाता है तो जन्मोत्सव शुरू होता है। 12 बजते ही जन्मोत्सव मनाते हैं, जन्म की बधाई गाते हैं। तदुपरांत भगवान को पंचामृत स्नान कराकर पंजीरी, फल आदि का भोग लगाते हैं।
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