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सरयू ने पार किया वार्निंग लेवल, पलायन तेज

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सरयू ने पार किया चेतावनी बिंदु, पलायन तेज
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अयोध्या। पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के साथ नेपाल से छोड़े गए पानी से उफनायी सरयू नदी का कहर अब कछारीय गांवों में बरपने लगा है। 24 घंटे में सवा दो सेमी. प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर बढ़ने से नदी ने वार्निंग लेवल पार कर लिया है।
जलस्तर में बढ़ोतरी इसी रफ्तार से जारी रही तो रविवार तक नदी लाल निशान को पार कर जाएगी। इसी के साथ तटवर्ती इलाकों में बाढ़ व कटान से पलायन शुरू हो गया है।
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उफनायी सरयू का कहर अब कछारीय गांवों में बरपने लगा है। कटान से रौनाही बंधे का पांच सौ मीटर हिस्सा और बिल्वहरि बंधे के एक किलोमीटर का हिस्सा संवेदनशील बना हुआ है। अपस्टीम के चलते नदी की धारा यहां बार-बार बंधे से टकरा रही है और कटान भी कर रही है।
केंद्रीय जल आयोग के नया घाट, अयोध्या कार्यालय के अनुसार, शुक्रवार शाम चार बजे सरयू नदी का जलस्तर 91.840 मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जो वार्निंग लेवल 91.730 मीटर से 11 सेमी. अधिक है।
सवा दो सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही नदी लाल निशान 92.730 मीटर के करीब पहुंच रही है। सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र समेत रुदौली व सोहावल के कछारीय इलाकों में बाढ़ के संभावित खतरे से हलचल शुरू हो गई है।
हालांकि शारदा व बनबसा बैराज पर पानी स्थिर हो गया है, इससे आने वाले दिनों में जलस्तर में वृद्धि थम भी सकती है। हालांकि बाढ़ खंड के एक्सईएन जेपी यादव का कहना है कि दोनो बंधों पर नजर रखी जा रही है, सहायक अभियंताओं व अवर अभियंताओं को एलर्ट किया गया है।
सरयू प्रति घंटे दो सेमी. बढ़ रही है। रौनाही बंधे के निकट मंहगूपुरवा एवं अन्य आसपास गांवों के ग्रामीण खौफजदा है। यहां लक्ष्मीदेवी और जुगराज के दो बीघे से अधिक खेतों की कटान करके नदी में समाहित कर लिया है।
वहीं बिल्वहरि बंधे के किमी. 8.600 से करीब एक किमी. हिस्सा संवेदनशील बना हुआ है। इस बंधे से सटे गांवों राय हलवारा, सराय राशी के ग्रामीणों का ऊंचे स्थलों के लिये पलायन जारी है।
यहां के जगदीश सिंह ने बताया कि खतरे को देखते हुए ग्रामीण बंधे के सुरक्षित हिस्से पर शरण ले रहे हैं। लेकिन यहां बंधे पर आने के बाद पिछले तीन दिनों से कोई अफसर व कर्मी उन लोगों की हाल-सुध लेने नही आया।
वहीं एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी दूबे का कहना है कि उन्होंने सभी विभागों के कर्मियों को अलर्ट कर दिया है। स्वास्थ्य एवं राजस्व कर्मियों को जायजा लेने के लिये मौके पर भेजी गयी हैं।
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार दोपहर के बाद बैराजों के डिस्चार्ज में कमी आयी है। दोपहर दो बजे बनबसा बैराज का डिस्चार्ज घटकर 81,636 क्यूसेक और गिरिजा बैराज का 1,03367 क्यूसेक हो चुका है।
शुजागंज प्रतिनिधि के अनुसार, रुदौली तहसील के कछार क्षेत्र के मंहगूपुरवा में कटान होने से हाल परेशान ग्रामीण संजय सिंह, बब्बन सिंह, राघवेंद्र यादव, राजपाल यादव, रामसहारे, सीताराम, रामचंद्र ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की ओर से उन पर कोई ध्यान ही नही दिया जा रहा है।
यहां दो नदियों के बीच बसे कैथी माझा के ग्रामीणों का अजब हाल है। गांव के दक्षिणी छोर से घाघरा नदी व उत्तरी छोर से सरयू नदी कटान कर रही है। कैथी माझा के ग्रामीण लल्लन ने बताया कि बाढ़ के समय प्रशासन से पुनर्वास के लिये उन्हें किसी सुरक्षित स्थान देने का आश्वासन दिया जाता है।
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जबकि उनके गांव के लिये आवास की भूमि उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है। बाढ़ के बाद अधिकारी व कर्मचारी फिर यहां दिखाई तक नही पड़ते हैं। यहां रामसागर, खुशीराम, लल्लू, ल्ललन के घर नदी की धारा में समा गए। लेकिन उनकी सुध लेने कोई नही पहुंचा। सिर्फ कागजों पर बाढ़ से निपटने की योजनाएं कार्य कर रही है।
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