खंडासा थाना क्षेत्र के मानूडीह मजरे पूरे मधई राय में गुरुवार की दोपहर अचानक आग लगने से 16 गरीब परिवारों की गृहस्थी जलकर राख हो गई। लगभग दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद अग्निशमन दल आग पर काबू पा सका। अंग्निकांड में पीड़ित परिवारों के पास कुछ भी शेष नहीं बचा। हल्का लेखपाल ने तहसील प्रशासन को क्षति का आकलन कर रिपोर्ट भेजी है।
गुुरुवार दोपहर तकरीबन एक बजे थाना क्षेत्र के पूरे मधईराय गांव में अचानक आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही पलों में एक-एक कर गांव के 16 घर आग की लपटों से घिर गए।
लोग पहले आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गए लेकिन जब स्थिति अनियंत्रित हो गई तो सूचना अग्निशमन दल को दी। कुछ ही देर में पहुंचे अग्निशमन दल ने आग पर काबू पाने के लिए पूरी ताकत लगा दी लेकिन उसे आग पर काबू पाने में दो घंटे का समय लग गया।
आग बुझने के बाद लोग अपने घरों में बचे सामानों को तलाशते दिखे। अग्निकांड में गांव के बदलू, विनोद, बब्बन, चैतू, जुग्गी, नन्हे, मातादीन, रामकिशोर, छंगू, कालीप्रसाद, शिवप्रसाद, स्वामीनाथ, मिहीलाल, उदयराज, अवधेश, नकछेद की गृहस्थी पूरी तरह जलकर राख हो गई।
लेखपाल दिनेश सिंह ने बताया कि क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी गई है। ग्राम प्रधान अमरनाथ यादव ने सभ्री पीड़ितों के भोजन की व्यवस्था की। पीड़ित स्वामीनाथ की बेटी का विवाह 31 जनवरी होना है जिसका निमंत्रण भी बांटा जा चुका है।
आग में सब कुछ राख हो जाने से उसका रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पीड़ित ने बताया कि बेटी के विवाह की तैयारी पूरी हो गई थी लेकिन आग लगने से कुछ भी नहीं बचा। सब कुछ जल कर राख हो गया, अब कैसे विवाह होगा। वहीं शुक्रवार शाम तक्र पीड़ितों को तहसील प्रशासन कोई सहायता मुहैया नहीं करा सका। वहीं आग लगने के कारणों का भी पता नहीं चल सका है।