अयोध्या। अब विशिष्ट आवश्यकता वाली दिव्यांग छात्राओं की स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने व उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार वृत्तिका (स्टाइपेंड) उपलब्ध कराएगी। समेकित शिक्षा के अंतर्गत होने वाली इस कवायद के तहत छात्राओं को दो सौ रुपये प्रति माह की दर से अधिकतम दस माह के लिए स्टाइपेंड दिया जाएगा। जिले में लक्षित 150 छात्राओं के सापेक्ष अब तक 60 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इसके लिए विशेष शिक्षकों से आवेदन फार्म और छात्राओं की प्रमाणित उपस्थिति की सूची मांगी गई है।
सरकार की ओर से प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही हैं। बालिका शिक्षा की स्थिति सुधारने एवं बालिकाओं को गुणवक्तापरक प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
अब समग्र शिक्षा के अंतर्गत समेकित शिक्षा में वर्ष 2018-19 में जिले के विद्यालयों में नामांकित विशिष्ट आवश्यकता वाली छात्राओं की उपस्थिति, संप्राप्ति स्तर को बढ़ाने एवं उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से ऐसी छात्राओं को धनराशि दी जाएगी। इसके लिए जिले में 150 छात्राओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक की ओर से जारी दिशा-निर्देश के अनुसार स्टाइपेंड के लिए छात्राओं की माह में कम से कम 50 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। इसके अलावा चयन के लिए जुलाई, अगस्त एवं सिंतबर 2018 की औसत उपस्थिति को भी आधार बनाया जाएगा।
यदि किसी माह में छात्रा की उपस्थिति 50 फीसदी से कम है, लेकिन भुगतान के लिए तीन माह की औसत उपस्थिति न्यूनतम 50 फीसदी है तो छात्रा को भुगतान के लिए चयनित किया जाएगा। दो सौ रुपये प्रतिमाह की दर से अधिकतम दो हजार रुपये का भुगतान विद्यालय प्रबंध समिति की तरफ से सीधे बालिकाओं के बैंक खाते में किया जाएगा।
इस संबंध में जिला समन्वयक समेकित शिक्षा शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक की विशिष्ट आवश्यकता वाली छात्राओं, जिनके पास मेडिकल बोर्ड/सक्षम अधिकारी की ओर से जारी किया गया दिव्यांगता प्रमाणपत्र हो, को स्टाइपेंड दिया जाएगा। अब तक लक्षित 150 छात्राओं में से 60 ने आवेदन किया है। प्रबंध समिति की ओर से और प्रस्ताव मांगा गया है। चयन समिति की अनुशंसा के बाद जिलाधिकारी से अनुमोदन होने के बाद भुगतान किया जाएगा।