फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सौ शैय्या मैटरनिटी सेंटर की सौगात देंगे मुख्यमंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन
268 बेड का होगा महिला अस्पताल
विज्ञापन

अयोध्या। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शीघ्र ही 100 शय्या के मैटरनिटी सेंटर की सौगात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देंगे। जिला महिला अस्पताल में 19.41 करोड़ से निर्माणाधीन मैटरनिटी विंग्स को फरवरी के प्रथम सप्ताह में पूर्ण करके मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण करने का फरमान शासन की ओर से जारी किया गया है।

मैटरनिटी विंग्स जिला महिला अस्पताल का ही हिस्सा होगा। महिला अस्पताल के 168 बेड को मिलाकर कुल 268 बेड हो जाएगा। इसमें अलग से डॉक्टर व कर्मचारियों की तैनाती भी शीघ्र ही होगी। साथ ही अनेक संसाधनों से इसे शीघ्र ही लैस किया जाएगा। सीएमएस डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि बीच-बीच में अस्पताल के सभी बेड फुल होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन


अस्पताल का विस्तार होने से ये किल्लत भी दूर हो जाएगी। अभी मैन पावर व साज-सज्जा के सामानों के लिए कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। बताया कि हैंडओवर करने से पूर्व भवन की तकनीकी जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित करके उनसे रिपोर्ट मांगी गई है। महिलाओं को बेहतर चिकित्सीय सेवाओं को और विस्तृत करने के लिए सपा सरकार में ही 19.41 करोड़ की लागत से 100 शय्या के मैटरनिटी विंग्स का शिलान्यास जिला महिला अस्पताल के परिसर में ही किया गया।

सभी उच्चीकृत सुविधाओं से लैस सात मंजिला भवन बनाने का खाका खींचा गया। जिसके निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई। हालांकि निर्माण कार्यों की रफ्तार काफी सुस्त होने से सपा सरकार में समयानुसार इसका लोकार्पण नहीं हो सका। निजाम बदलने के बाद निर्माण कार्य की गति और सुस्त हो गई। जिले की नोडल अधिकारी रहीं सचिव अनीता मेश्राम के निरीक्षण के बाद साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट मांगी गई। इसके बाद निर्माण कार्यों में तेजी आई।

अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लोकार्पण शीघ्र करने के संकेत दिए हैं। महानिदेशक चिकित्सा सेवाएं उत्तर प्रदेश पद्माकर सिंह ने फरवरी के प्रथम सप्ताह में मैटरनिटी विंग्स का निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया है। इसके लिए शासन की ओर से अलग-अलग अधिकारियों की टीम भी गठित की गई है, जो निर्धारित प्रारूप पर अस्पतालों का निरीक्षण करके प्रगति आख्या शासन को सौंपेंगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल के उद्घाटन की तिथि मुकर्रर की जाएगी।

शासन की ओर से फरमान जारी होते ही कार्यदायी संस्था व अन्य जिम्मेदारों का हाथ-पांव फूलने लगे है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस समयावधि में कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण होने के आसार नहीं हैं। 20 जनवरी को अवर अभियंता एसबी सिंह व सहायक अभियंता के निरीक्षण में भी तमाम खामियां पाई गई हैं। अवर अभियंता एसबी सिंह ने बताया कि सात मंजिला भवन में वालपुट्टी, पेंटिंग, फिनिशिंग आदि कार्य जारी है।

सेप्टिक टैंक की खोदाई की गई है। वाह्य स्थल विकास का कार्य अपूर्ण है। फायर फाइटिंग की व्यवस्था नहीं हो सकी है। कुछ कमरों की खिड़कियों में पल्ले नहीं लगे हैं। वाटर सप्लाई, सेनेट्री, इलेक्ट्रिकल फिटिंग का कार्य अपूर्ण है। लिफ्ट के कार्य में आपेक्षिक प्रगति नहीं है। अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं प्राप्त किया जा सका है।
विज्ञापन


ओटी, लेबर रूम, सैंपल कलेक्शन रूम, स्टोर आदि कमरों में प्लेटफार्म नहीं बनाए गए हैं। इसके अलावा भी अन्य कई छोटी-बड़ी कमियां भी चिह्नित की गई हैं। जिनके पूर्ण होने में माह भर से अधिक का समय लगने के आसार हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें