अयोध्या। राम मंदिर निर्माण को लेकर कुछ हिंदू संगठनों की चेतावनी से इस बार रामनगरी कड़े सुरक्षा घेरे में जकड़ी रही। सुबह सात बजे से जगह-जगह बैरियर लगाकर रास्तों को बंद कर दिया गया। तलाशी के साथ रामजन्मभूमि मार्ग पर साइकिल तक घुसने की इजाजत नहीं दी गई।
शहर के अन्य रास्तों को भी सील कर दिया गया। इससे श्रद्धालुओं से लेकर आम लोग और कारोबारी पूरे दिन परेशान नजर आए। मरीजों को अस्पताल तक ले जाना मुश्किल था। इसका असर रामलला के दर्शन पर भी पड़ा। मात्र 6450 श्रद्धालुओं ने ही हाजिरी लगाई। प्रशासन की सख्ती को बेवजह बताते हुए साधु-संतों से लेकर हर कोई कोसता नजर आया।
बाबरी मस्जिद विध्वंस की 26वीं बरसी पर हिंदू समाज पार्टी ने कारसेवा का एलान किया था। इसी मद्देनजर बृहस्पतिवार की सुबह अचानक सुरक्षा घेरा कस दिया गया। कमिश्नर मनोज मिश्र, डीआईजी ओंकार सिंह, डीएम डॉ.अनिल पाठक, एसएसपी योगेंद्र कुमार सुबह से भ्रमण करते रहे।
रामनगरी में प्रवेश के सभी मार्गों पर बैरियर लगाने के साथ अंदरूनी इलाकों में भी तिराहे, चौराहे से लेकर गलियों तक में बैरीकेडिंग कर दी गई थी। हनुमानगढ़ी, हरिद्वारी बाजार समेत कनकभवन, रामलला दर्शन मार्ग, रामकोट और मुस्लिम इलाके आीलमगंज कटरा, सुटहटी आदि में सघन बैरिकेडिंग से लोगों का आना-जाना मुश्किल था। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि एहतियात के तौर पर सुरक्षा घेरा सख्त किया गया है। किसी के दर्शन-पूजन पर किसी तरह की रोक नहीं है।