ठीक दिशा में चल रही राममंदिर निर्माण की प्रक्रिया : चंपत
अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के 80वें जन्मोत्सव समारोह पर आयोजित संत सम्मेलन के मंच पर विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि संत-महापुरुषों का जीवन समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहा है। राममंदिर के खिलाफ कोई भी षडयंत्र हो वह कभी सफल नहीं होगा। इतिहास में जिस स्थान को श्रीरामजन्मभूमि लिखा गया है वह अंत तक बनी रहेगी। हमारी कामना है कि श्रीमहंत नृत्यगोपाल दास के हाथों से मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो। चंपत राय ने कहा कि रामजन्मभूमि निर्माण की समस्त प्रक्रियाएं ठीक दिशा में चल रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने एक दिन पूर्व अयोध्या आए योगी आदित्यनाथ द्वारा राममंदिर मामले पर मर्यादा व धैर्य रखने की चर्चा करते हुए कहा कि हमें मत सिखाओ। 400 वर्षों से धैर्य ही रखा है। मंदिर निर्माण के मार्ग खोल दो। कहा कि पूरी दुनिया में यदि कहीं स्वर्ण युग था तो वह भारत में था। जब अयोध्या में रामजन्मभूमि थी। 105 फिट का शिवलिंग था। कृष्ण जन्मभूमि थी। बेरोजगारी नहीं थी। किसान आत्महत्या नहीं करता था। राममंदिर, विश्वनाथ, कृष्ण जन्मभूमि नहीं बच पाई। संतों की आवाज है अयोध्या में राममंदिर बने। कहा कि मोदी का इतिहास में नाम अमर हो जाएगा यदि वह मंदिर निर्माण कराते हैं। धरती पर यदि फिर स्वर्णयुग चाहिए तो वह राममंदिर निर्माण से ही संभव है। उन्होंने उद्घोष किया कि अयोध्या-मथुरा-विश्वनाथ तीनों लेंगे एक साथ।
संत सम्मेलन में संत प्रकाशानंद ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए राममंदिर का निर्माण आवश्यक है। पंजाब से आए नामधारी संत उदय सिंह ने कहा कि राममंदिर निर्माण में इतनी देर नहीं होनी चाहिए। विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि शीघ्र ही राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। उत्तराखंड संत समिति के अध्यक्ष ईश्वर दास ने कहा कि राममंदिर बनाने के लिए सरकार अध्यादेश लाए। ज. गु. रामदिनेशाचार्य ने कहा कि अध्यात्म को प्रकट करने की राजधानी अयोध्या है। राममंदिर की कमी करोड़ों हिंदुओं को अखर रही है। मध्यप्रदेश सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री अखिलेश्वरानंद गिरि ने कहा कि राममंदिर निर्माण से सामाजिक समरसता का मार्ग प्रशस्त होगा।
संत सम्मेलन की अध्यक्षता ज. गु. हंसदेवाचार्य ने व संचालन डॉ. रामानंद दास ने किया। विभिन्न प्रांतों से आएं संत-धर्माचार्यों ने महंत नृत्यगोपाल दास के दीर्घायु होने की कामना की। संत सम्मेलन में स्वामी परमानंद, महंत कमलनयन दास, शक्ति शांतानंद, महंत रामदास, अधिकारी राजकुमार दास, महामंडलेश्वर श्यामदास जबलपुर, प्रज्ञाभारती भोपाल, कन्हैयादास रामायणी, महंत जन्मेजय शरण, विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा, महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महंत दिलीप दास त्यागी सहित बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्य एवं भक्त मौजूद रहे।
प्रतीक्षा करते तो ढांचा नहीं गिरता : वेदांती
संत सम्मेलन में पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि मंदिर वहीं बनेगा जहां रामलला विराजमान हैं। मंदिर के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं है। कहा कि संविधान में वर्णित है कि यदि 13 राज्यों के मुख्यमंत्री प्रस्ताव बनाकर महामहिम राष्ट्रपति को भेजें तो राष्ट्रपति कैबिनेट में प्रस्ताव को स्वीकार करा सकते हैं। आज 20 राज्यों में भाजपा की सरकार है, सभी मुख्यमंत्री विधेयक लाकर प्रस्ताव भेजें जो राष्ट्रपति नकार नहीं सकते। प्रधानमंत्री हस्ताक्षर कर प्रस्ताव पास कर दें तो मंदिर निर्माण प्रारंभ हो जाएगा। कहा कि अब प्रतीक्षा नहीं करेंगे। प्रतीक्षा करते तो ढांचा नहीं टूटता। सरकार जल्द से जल्द कानून बनाकर राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे।