मर्यादा का पाठ पढ़ाती है रामनगरी : डीएम
अयोध्या। रामनगरी मर्यादा का पाठ पढ़ाती है यहां ऐसे आयोजन धार्मिकता का संदेश देते हैं। ये विचार जिलाधिकारी ने दिव्य दीपोत्सव पर आधारित प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम डॉ. अनिल पाठक और अवध विवि के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने किया।
राम की पैड़ी परिसर सोमवार को एक बार फिर गुलजार हुई। इस बार यहां दीपों की श्रृंखला नहीं बल्कि विज्ञान और लोक कला का अनूठा एवं अद्भुत संगम नजर आया। इस अवसर पर अवध विवि के कुलपति ने कहा कि दीपोत्सव से जुड़े लगभग 3 हजार लोगों को सम्मानित किया जा रहा है। सज रही अयोध्या, संवर रही अयोध्या कार्यक्रम के अंतर्गत अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या शोध संस्थान व श्री सरयू अवध बालक सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में दिव्य दीपोत्सव में सम्मिलित छात्र-छात्राओं का सम्मान, विज्ञान प्रदर्शनी, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत पांच हजार पेंटिंग, खेल मेला व प्रदर्शन एवं अवध लोक कलाओं पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि दीपोत्सव जैसे आयोजन रामराज्य की स्थापना की परिकल्पना की धुरी बन सकते हैं। महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे आयोजनों के जरिए अयोध्या से सकारात्मक संदेश जाएगा। समारोह को डॉ. सुनीता शास्त्री, वनाधिकारी रवि सिंह सहित अन्य ने भी संबोधित किया। संचालन शुभम मिश्र ने किया।
नहीं आईं पर्यटन मंत्री
समारोह का उद्घाटन पहले पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को करना था लेकिन अपिरहार्य कारणों से उनका कार्यक्रम निरस्त हो गया। इसके अलावा स्थानीय सांसद, विधायक भी कार्यक्रम से नदारद रहे। राम की पैड़ी परिसर में 33 विद्यालयों के छात्रों ने चित्रकला प्रदर्शनी एवं 15 विद्यालयों के छात्रों ने विज्ञान प्रदर्शनी लगाई। इसके अतिरिक्त अवध विश्वविद्यालय द्वारा लोक कला आधारित प्रदर्शनी सजाई गई। जबकि वाणी विकलांग संस्थान द्वारा भी प्रदर्शनी आयोजित की गई। इस दौरान महंत अवध किशोर शरण, महामंडलेश्वर गिरीश दास, नंदकुमार मिश्र, साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रदीप खरे समेत अन्य मौजूद रहे।
इन्हें किया गया पुरस्कृत
दिव्य दीपोत्सव कार्यक्त्रस्म पर आधारित फोटोग्राफी प्रतियोगिता में चयनित फोटोग्राफ को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। मूल्यांकन के चरण में 42 प्रतिभागियों के 477 फोटोग्राफ को निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकित कर पुरस्कार हेतु 16 प्रतिभागियों की फोटोग्राफ चयनित की गई थी। इनमें से प्रथम रोहित पाल, द्वितीय पुरस्कार उपेंद्र शर्मा, विशेष गुप्ता व तृतीय पुरस्कार नितिन श्रीवास्तव, रामू कुमार व मनोज कुमार को मिला। 10 अन्य फोटोग्राफरों को भी पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के 138 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
इस वर्ष दिखेगा भव्य नजारा
अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित ने पत्रकारों से कहा कि इस वर्ष दीपोत्सव के आयोजन को और भव्य बनाने की तैयारी है। बताया कि हमने मांग की है कि कार्यक्रम के आयोजन की तिथि शीघ्र घोषित कर पर्यटन के कैलेंडर पर तिथि अंकित कर उसका वितरण करा दिया जाए ताकि आयोजन को भव्य रूप देने में पर्याप्त समय मिल सके। कहा कि पिछली बार दीपोत्सव राम की पैड़ी परिसर में केंद्रित था इस बार संपूर्ण अयोध्या को दीपोत्सव में शामिल करने की योजना है। 3, 5 या 15 दिन तक दीपोत्सव का आयोजन हो इसकी तैयारी चल रही है।