चंद्रग्रहण के चलते बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट
अमर उजाला ब्यूरो
अयोध्या। सात अगस्त को चंद्रमा पृथ्वी की छाया में होगा और इस दिन आंशिक चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। ये खगोलीय दृश्य भारत समेत दुनिया के कई देशों से नजर आएगा। ग्रहण के कारण लगने वाले सूतक के चलते मंदिरों के कपाट नौ घंटे पूर्व ही बंद हो जाएंगे।
इसके चलते पूर्णिमा पर रामलला के दर्शन भी नहीं होंगे। ज्योतिष गुरु स्वामी हरिदयाल मिश्र ने बताया कि, ये वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण होगा। अगला चंद्रग्रहण 31 जनवरी 2018 को लगेगा जो पूर्ण चंद्रग्रहण होगा और भारत में देखा जा सकेगा।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार चंद्रग्रहण का प्रारंभ सात अगस्त को रात 10 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर देर रात 12 बजकर 49 बजे तक रहेगा। इसी दिन सावन का आखिरी सोमवार व पूर्णिमा तिथि भी है। ग्रहण के कारण लगने वाले सूतक के चलते रामनगरी के सभी मंदिरों के कपाट नौ घंटे पूर्व ही बंद हो जाएंगे।
रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि, पूर्णिमा पर ग्रहण के चलते मंदिर नौ घंटे पूर्व ही बंद हो जाएगा, ऐसे में दूसरी पाली में रामलला के दर्शन भक्तों को सुलभ नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि, आठ अगस्त की सुबह पुन: पूजन अर्चन के बाद भक्त दर्शन कर पाएंगे।
ग्रहण के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि, ग्रहण के दौरान ईश्वर की प्रतिमा छूना, मनोरंजन करना, भोजन पकाना या खाना एवं पीना, सोने आदि का त्याग करना चाहिए। ग्रहण का सूतक काल आरंभ होने के पहले ही जल, भोजन व खानपान के सामानों में कुश, दूर्वा अथवा तुलसी के पत्ते डाल दें, इससे इन वस्तुओं पर ग्रहण का असर समाप्त हो जाएगा।
ग्रहण के पश्चात पूरे घर की शुद्धि व स्नान कर गरीबों को दान-दक्षिणा दें। शास्त्रानुसार ग्रहण के दौरान पूजापाठ, गुरुमंत्र का जाप अथवा भजन-कीर्तन करना चाहिए, इससे आध्यात्मिक बल मिलता है।