राममंदिर पर शीर्ष नेतृत्व कर रहा गंभीरता से विचार : कलराज
कहा, न्यायालय के आदेश या आम सहमति के आधार पर बनेगा राममंदिर
आतंकियों का किया जा रहा खात्मा, सीमा के बाहर जाकर मार रहे आतंकी
अमर उजाला ब्यूरो
अयोध्या। भाजपा के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर न्यायालय के आदेश या आम सहमति के आधार पर बनेगा। शीर्ष नेतृत्व व सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है। विचार कभी भी व्यवहारिकता में बदल सकता है। कहा कि पाकिस्तान की ओर से घाटी में भेजे जा रहे आतंकियों का खात्मा किया जा रहा है। सेना सीमा के बाहर भी जाकर आतंकियों को मार रही है। सर्जिकल स्ट्राइक बड़ी कार्रवाई थी।
बारिश के बीच मंगलवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचे मंत्री कलराज मिश्र ने सबसे पहले हनुमान जी महाराज के दरबार में माथा टेका और दर्शन पूजन किया। तदुपरांत न्यास अध्यक्ष व मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास से मिलने पहुंचे। मंत्री ने करीब पांच मिनट तक वार्ता की और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में कलराज मिश्र ने राममंदिर पर कहा कि यह निश्चित ही गंभीर मसला है, हमारी सरकार व शीर्ष नेतृत्व इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। न्यायालय के फैसले एवं आम सहमति के आधार पर ही मंदिर विवाद सुलझे यही हमारा सोचना है। उन्हाेंने कहा सरकार इन दोनों तरीकों न्यायालय व आम सहमति के आधार पर इस मसले के समाधान को लेकर प्रभावी रूप से विचार कर रही है और जल्द ही इसे व्यवहारिक स्वरूप दिया जा सकता है। अयोध्या में भव्य मंदिर बनना चाहिए, उपयुक्त समय आने पर सकारात्मक परिणाम आयेगा।
केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि उद्यमियों के रजिस्ट्रेशन में जो परेशानी होती थी, महीनों लग जाते थे उन्हें दूर करने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गयी है। इसके लिए उद्योग आधार मेमोरंडम पोर्टल नामक एक पेज बनाया गया है जिसके भरते ही पांच मिनट के अंदर रजिस्ट्रेशन हो जायेगा। इसके लिए कोई कागजात नहीं, कोई शुल्क नहीं। यह हमारी सरकार की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। मंत्री ने बताया कि खादी उत्पादन में 29 व बिक्री में 34 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। प्रधानमंत्री ग्राम रोजगार सृजन योजना के तहत जो रोजगार हम देते हैं उसकी अप्लीकेशन भी ऑनलाइन हो गयी है। केबीआईसी, केबीआईबी, डीआईसी अप्लीकेशन ऑनलाइन है। जो प्रोजेक्ट लगाना चाहेंगे अधिकारी वेरीफाई करेंगे, जिला मजिस्ट्रेट तय करेंगे, जो उद्यम लगाना चाहते हैं बैंक से 5 लाख से 25 लाख रुपये तक कर पैसा फाइनेंस होगा। उन्होंने बताया कि तीन सालों में 52 हजार करोड़ का उत्पादन ग्रामोद्योग द्वारा हुआ है। एक करोड़ तीन लाख 33 हजार लोगों को रोजगार मिला है।